गांव राई में राजकीय उच्च विद्यालय के गेट के सामने तक भरा दूषित पानी। संवाद
राई। गांव राई की गलियों में बह रहा दूषित पानी अब लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। गलियों में रहने दूषित पानी की वजह से स्कूल और मंदिर जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। गांव के एक हिस्से में बिछाई गई सीवरलाइन भी जाम है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद से हालात में सुधार नहीं हो पा रहा है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए विवश होंगे।
गांव राई में दूषित पानी की निकासी का कोई ठोस प्रबंध नहीं है। जिसके चलते गांव के बाहरी छोर की ज्यादातर गलियों में दूषित पानी भरा है। राई औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के गेट पर पानी भरा हुआ है। ऐसे में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की समस्या बढ़ गई है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके साथ ही इसी मार्ग से सैकड़ों श्रमिक व अन्य कर्मी राई औद्योगिक क्षेत्र जाते हैं। उन्हें दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। गांव के शिव मंदिर वाली गली में दूषित पानी भरा रहता है। सुबह लोग घरों से शुद्ध होकर मंदिर में जाने के लिए निकलते हैं, लेकिन मंदिर के रास्ते पर भरे दूषित पानी से गुजरकर मंदिर में जाना पड़ता है।
ग्रामीण व दुकानदार दीपक, मनीष, अमित, जयराम, प्रवीन, राकेश, विजय व पदम ने बताया कि निगम अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। दूषित पानी से गुजरकर ही मंदिर और स्कूल जाना पड़ता है। ऐसे में शुद्धता का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता।
गांव में दूषित पानी की निकासी की मांग को कई बार हाउस की बैठक में उठाया जा चुका है। मैंने समस्या को लेकर सांसद रमेश कौशिक से भी मुलाकात की थी। उसके बाद निकासी के लिए बजट पास किया गया था। इसके लिए 13.70 करोड़ का टेंडर लगा दिया गया। टेंडर अलॉट होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। जिसके बाद स्थिति बेहतर हो सकेगी। -पुनीत राई, पार्षद, वार्ड-8।