हरियाणा के सोनीपत में एनजीटी के ग्रेप-3 के तहत निर्माण कार्यों पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद राठधना में सेक्टर-34 की नई कॉलोनी में निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी रहा। जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने संबंधित कंपनी पर 20 लाख रुपये जुर्माना ठोका।
टीम ने यहां दो बार निरीक्षण किया। नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर टीम ने दोनों बार कंपनी पर 10-10 लाख रुपये जुर्माना ठोका। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि आगे भी अगर निर्माण कार्य जारी रहता है तो फिर जुर्माना किया जाएगा।
बढ़ते प्रदूषण के चलते राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली एनसीआर में ग्रेप-3 लागू किया है, जिसके तहत निर्माण कार्यों व ध्वस्तीकरण के कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिला कार्यालय के अधिकारी इस पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि अधिकारियों की एक टीम राठधना गांव के सेक्टर-34 में पहुंची तो वहां पर ओयसिस लैंडमार्क एलएलबी नाम से बनाई जा रही नई कालोनी में निर्माण कार्य चलता मिला। यहां निर्माण सामग्री की लोडिंग और अनलोडिंग करने के साथ ही सीवरेज लाइन भी बिछाई जा रही थी।
काम को रोककर कंपनी के नाम दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। कंपनी पर 10 लाख रुपये जुर्माना भी किया गया। इसके अगले ही दिन अधिकारी फिर साइट पर निरीक्षण करने पहुंचे तो निर्माण कार्य जारी मिला। जिस पर अधिकारियों ने संबंधित कंपनी पर दोबारा निर्माण कार्य बंद करवाते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।