सोनीपत। प्रशासन और रोडवेज ने संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) की पहली बाधा पार कर ली है। पहले दिन शनिवार को दोनों सत्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जिले में बनाए गए 53 केंद्रों पर दो चरणों में 42,336 अभ्यर्थियों में से 24,581 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं, 17,755 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। अभ्यर्थियों की उपस्थिति 58.06 फीसदी रही। परीक्षा को लेकर सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पहले दिन दोनों सत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हुई। प्रशासन अब दूसरी परीक्षा के लिए तैयार है।
परीक्षा को नकल रहित परीक्षा संचालित करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी व जैमर लगाए गए थे। दोनों सत्रों में परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कड़ी जांच की गई। कई चरण की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश मिला। दस्तावेजों के साथ चेहरे व अंगूठों की भी बायोमेट्रिक हाजिरी हुई। महिला अभ्यर्थियों को पायल, कंगन, सोने की चेन, अंगूठी व अन्य आभूषण केंद्र के बाहर ही उतारने के निर्देश दिए गए।
प्रात:कालीन सत्र :
परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थी : 21168
-अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी : 12248
-अनुपस्थित अभ्यर्थी : 8920
सायंकालीन सत्र :
परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थी : 21168
-अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी : 12333
-अनुपस्थित अभ्यर्थी : 8835
परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता, सड़कों पर इंतजाम कम
प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी, लेकिन सड़कों पर इंतजाम कम नजर आया। यही कारण रहा कि पहले सत्र की परीक्षा खत्म होते ही विभिन्न मार्गों पर जाम की स्थिति नजर आई। गीता भवन चौक, मामा-भांजा चौक, देवीलाल चौक, ककरोई चौक सहित अन्य प्रमुख चौक पर यातायात व्यवस्था को संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जांच में गैरहाजिर मिला जैमर ड्यूटी ऑफिसर, कारण बताओ नोटिस जारी
सीईटी के नोडल अधिकारी एसडीएम निर्मल नागर ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था जांची। रुक्मिणी देवी पब्लिक स्कूल में जैमर की जांच पर लगाए ड्यूटी ऑफिसर एसडीओ रजित गैरहाजिर मिले। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही कड़े निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी परीक्षा में लगाई है, उसे पूर्ण ईमानदारी व कर्मठता से निभाएं। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जीडी गोयनका, डीपीएस, देव ऋषि स्कूल, ओरचीड इंटरनेशनल स्कूल व दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में बनाएं गए परीक्षा केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुरथल विश्वविद्यालय व शिवा शिक्षा सदन में जैमर पर सवाल खड़े किए। उधर, उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाएं जांची। उन्होंने मालवीय शिक्षा सदन, गन्नौर में सीसीएएस जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया।
छात्र के पास मिले बिजली यंत्र को उतरवाया
गन्नौर। सीईटी को लेकर गेट पर जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। महिलाओं के आभूषण, रबर बैंड और जूते उतरवाकर तलाशी ली गई। पुरुष अभ्यर्थियों की भी जांच की गई। सीसीएस जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जांच के दौरान एक अभ्यर्थी के पास इलेक्ट्रिक यंत्र मिला। जिसे बाहर फेंकने के बाद ही परीक्षा केंद्र में जाने से अनुमति मिली। वहीं एक हाथ से दिव्यांग को भी परीक्षा केंद्र में अपने साथ सहायक ले जाने नहीं दिया गया। दिव्यांग के पास सहायक के लिए अनुमति नहीं थी, जिसके चलते उसे स्वंय ही परीक्षा देनी पड़ी।