फोटो 42. सोनीपत के राई औद्योगिक क्षेत्र के पास जीटी रोड पर फ्लाईओवर के नीचे घूमते गोवंश। संवाद
सोनीपत। देश की लाइफलाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) के आसपास सड़क पर गोवंश बैठे रहते हैं। हादसे से बचने के लिए वाहन सड़क के किनारे चल रहे हैं। एनएचएआई व नगर निगम की ओर से गोवंशों को पकड़ने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा वाहन चालकाें को भुगतना पड़ रहा है।
कुंडली से लेकर हलदाना बॉर्डर तक 900 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे-44 का चौड़ीकरण किया गया था। यह टोल रोड होने के बावजूद इस पर सुविधाओं की दरकार है। जिला प्रशासन की तरफ से शहर व आसपास के क्षेत्र को कैटल फ्री बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को लेकर जनता व वाहन चालक परेशान हैं।
निगम अधिकारियों की अनदेखी के कारण जीटी रोड पर बेसहारा गोवंशों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गोवंश सड़क के बीच झुंड बनाकर बैठ जाते हैं, इससे वाहन चालकों को धीमी गति से अपने वाहन चलाने पड़ रहे हैं। गोवंशों के सड़क पर आने की वजह से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान : जीटी रोड पर लावारिस घूमने वाले गोवंशों पर यातायात पुलिस और एनएचएआई के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। नगर निगम ने तीन बार टेंडर लगाकर 11 जुलाई को वर्क आवंटित किया था। इसके 25 दिन बार गोवंशों को शहर के अंदर से पकड़ने का कार्य शुरू किया था। निगम की दो नंदीशालाओं में गोवंश रखने की क्षमता कम होने से सभी गोवंशों को नहीं पकड़ा जा रहा।