गोहाना। अगर आप रात के समय अपने वाहन से शहर की सड़कों पर आवागमन कर रहे हैं, जो जरा संभलकर चलें। क्योंकि, रात में शहर की सड़कें सुरक्षित नहीं हैं। सड़कों पर घूमने वाले गोवंशों का झुंड राहगीरों के लिए हादसे का पर्याय बन जाता है। मुख्य सड़कों पर जगह-जगह गोवंशों के कारण जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया हुआ है।
गोहाना में रोहतक गेट, महम रोड, सोनीपत रोड, जींद रोड, पानीपत रोड व रोहतक रोड पर रात के समय सड़क के बीच में गोवंश घूमते रहते हैं। इससे राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गोवंशों के झुंड के कारण कई बार वाहन चालक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं। कई जगह पर तो स्ट्रीट लाइटें बंद होने से हादसों की आशंका बढ़ जाती है। कई मार्गों पर दोपहिया वाहन चालक कई बार बेसहारा पशुओं के कारण हादसों का शिकार हो चुके हैं। एजेंसी की तरफ से अब तक महज 197 पशुओं को ही पकड़ा गया है, जबकि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या इससे कई गुणा अधिक है।
रोहतक गेट व सोनीपत रोड पर गोवंशों का जमावड़ा
रोहतक गेट शहर का व्यस्ततम मार्ग है। यहां से जींद-सफीदो जाने वाले वाहन गुजरते हैं। रात के समय इस जगह पर गोवंशों का जमावड़ा रहता है। सोनीपत रोड पर सब्जी मंडी होने के चलते रात के समय गोवंश सड़कों पर पहुंच जाते हैं और सड़कों के बीच बैठ जाते हैं। कई बार तो हॉर्न की आवाज सुनकर गोवंश विचलित भी हो जाते हैं और इधर-उधर भागने लगते हैं। इससे हादसा होने का डर अधिक रहता है।
नगर परिषद की तरफ से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया गया है। एक हजार पशुओं में से अब तक 197 बेसहारा पशु ही पकड़े गए हैं। अन्य पशुओं को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
- निशा शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, गोहाना