गोहाना। ईशापुर खेड़ी गांव के पास सड़क के बीच में शव रखकर गोहाना-जींद रोड जाम करने के मामले में बरोदा थाना पुलिस ने 8 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने जाम लगाने वाले लोगों की पहचान फोटो व वीडियो के माध्यम से की है ।
भावड़ गांव निवासी विकास किराये पर गाड़ी चलाता था। उसका नांदल गांव निवासी प्रवीन, जितेंद्र के साथ गाड़ियों व पैसे का लेनदेन था। करीब तीन माह पहले कार मरम्मत के लिए लाखनमाजरा गैराज में खड़ी की थी। नांदल निवासी प्रवीन व जितेंद्र ने उसकी गाड़ी बेच दी, मगर पैसा उसे नहीं दिया। इसके अलावा पांच माह पहले उससे 2.70 लाख रुपये लिए थे। वह उसे भी नहीं लौटा रहे थे। पैसे मांगने पर वह उसे धमकी दे रहे थे। उनके दबाव में आकर विकास ने 9 अक्तूबर को जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली थी। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को ईशापुर खेड़ी के नजदीक जींद रोड जाम कर दिया था। इसकी सूचना मिलते पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया। जाम लगाने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
वीडियोग्राफी व फोटो से की पहचान
बुटाना चौकी प्रभारी मेहर सिंह ने बताया कि पुलिस ने वीडियोग्राफी करवाई थी। जाम में शामिल लोगों के फोटो भी लिए गए। वीडियोग्राफी और फोटो में लोगों की पहचान के आधार पर श्याम, हरीराम, सियाराम, कृष्ण, बिंदा पंडित, सतीश, प्रवीन, सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।