सोनीपत। रेलवे यात्रियाें को सोनीपत व गोहाना स्टेशन पर जिले से जुड़ी संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए स्थानीय पर्यटन स्थलों के बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड के माध्यम से यात्री पर्यटन स्थलों की जानकारी हासिल करने के साथ यहां की संस्कृति के प्रति जागरूक भी होंगे। दिल्ली मंडल रेलवे अपने अंतर्गत आने वाले बड़े स्टेशनों पर पर्यटन बोर्ड लगवाने की योजना तैयार कर रहा है। हालांकि इन पर्यटन बोर्ड को दिल्ली मंडल के 14 बड़े स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर लगवाया जाएगा।
अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत सोनीपत स्टेशन पर 29 करोड़ तो गोहाना स्टेशन पर 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ दोनों स्टेशनों को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने का कार्य चल रहा है। उच्चाधिकारियों ने सोनीपत स्टेशन पर कार्य कर रही कंपनी को फरवरी 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों के नेतृत्व में कार्यरत गुरुग्राम की कंपनी ने कार्यों को विस्तार देना शुरू कर दिया है। सोनीपत स्टेशन पर मुख्य निकासी व द्वितीय प्रवेश द्वार, पार्किंग क्षेत्र, प्लेटफाॅर्म सतह बदलना, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, आधुनिक शौचालयों के साथ शेड नवनिर्माण, पांच स्वचालित सीढि़यां व दो लिफ्ट लगाने सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। अब रेलवे दोनों स्टेशनों पर स्थानीय पर्यटन स्थलाें के बोर्ड लगवाने की योजना तैयार करने में जुटा है।
संस्कृति का होगा प्रसार, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ए ग्रेड श्रेणी में शामिल सोनीपत स्टेशन से रोजाना करीब 40 हजार यात्री दिल्ली व अंबाला रूट तो वहीं, गोहाना स्टेशन से करीब 15 हजार यात्री जींद-सोनीपत रूट पर आवागमन करते हैं। स्टेशनों पर बोर्ड लगने से भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ स्थानीय पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। यात्री बोर्ड पर जानकारी हासिल कर पर्यटक इन पर्यटन स्थलों को देखने के लिए पहुंचेंगे। बोर्ड लगवाने का बजट सभी स्टेशनों के लिए तय की गई राशि से ही खर्च किया जाएगा। अमृत भारत स्टेशन परियोजना के तहत दिल्ली मंडल के सोनीपत, गोहाना, नरेला, सब्जी मंडी, जींद सहित कुल 14 स्टेशन इस परियोजना में शामिल रहेंगे।
अमृत भारत स्टेशन परियोजना के अंतर्गत जिन बड़े रेलवे स्टेशनों पर विस्तार कार्य चल रहे हैं, वहां निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद स्थानीय पर्यटन स्थलों के बोर्ड लगवाने की योजना तैयार की जा रही है। हालांकि पर्यटन स्थलों की जानकारी के बोर्ड लगवाने का खर्च तय की गई राशि से ही व्यय किया जाएगा।
- सुखविंद्र सिंह, रेल प्रबंधक (डीआरएम), दिल्ली मंडल