गन्नौर। राजलू गढ़ी रोड पर रेलवे अंडरपास के निकट 33 हजार केवीए लाइन में फॉल्ट होने से पांच गांवों में 34 घंटे से ब्लैकआउट है। मंगलवार सुबह 11 बजे गुल हुई बिजली आपूर्ति बुधवार रात 9 बजे तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। जिससे गांव राजलू गढ़ी, भोगीपुर, अगवानपुर, पांची व उदेशीपुर के ग्रामीणों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हो गए हैं कि बिजली न आने से इन गांवों में पेयजल की समस्या भी गहराने लगी है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि 33 केवीए बिजली लाइन में हुए फॉल्ट को ढूंढने में लंबा समय लग गया। फॉल्ट को ढूंढकर लाइन की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
गांव राजलू गढ़ी रोड पर रेलवे अंडरपास के निकल मंगलवार सुबह करीब 11 बजे 33 केवीए बिजली लाइन में फॉल्ट आ गया था। जिससे पांच गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली लाइन में हुए फॉल्ट की सूचना मिलने के बाद बिजली निगम की टीम ने फॉल्ट ढूंढने का काम शुरू कर दिया था। फॉल्ट न मिलने के कारण मंगलवार को बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को निगम के कर्मचारियों को फॉल्ट मिला, जिसके बाद रिपेयरिंग करने का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिपचिपी गर्मी में बिजली न आने से लोगों को न रात को नींद आई और ना ही दिन में चैन मिल रहा। लोगों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित रहे। बिजली न आने से लोगों के घरों व दुकानों पर लगे इनवर्टर भी मंगलवार को ही जवाब दे गए थे। लोगों को हाथ के पंखों के सहारे ही रात गुजारनी पड़ी। ग्रामीणों को पेयजल समस्या से भी जूझना पड़ा रहा है। पशुओं के लिए भी पानी का प्रबंध नहीं हो पा रहा।
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दिल्ली से मंगवानी पड़ी फॉल्ट लोकेटर वैन
विद्युत निगम के ग्रामीण एसडीओ प्रदीप राणा ने बताया कि मंगलवार को फॉल्ट होने के बाद उनकी टीम ने कई जगहों पर फॉल्ट ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन फॉल्ट नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने रोहतक से फॉल्ट लोकेटर वैन मंगवाने का प्रयास किया, लेकिन वहां वैन उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद बुधवार को दिल्ली से फॉल्ट लोकेटर वैन मंगवाई गई। फॉल्ट लोकेटर वैन की मदद से राजलू गढ़ी रोड पर रेलवे अंडरपास के निकट 33 हजार केवीए लाइन में फॉल्ट होने के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि अंडरग्राउंड 33 हजार केवीए लाइन का आईसोलेशन पंक्चर होने से यह फॉल्ट हुआ है। फॉल्ट मिलने के बाद रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है।
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अंडरपास होने से नहीं आ सकी हाईड्रा मशीन
33 हजार केवीए लाइन अंडरग्राउंड होने की वजह से उसे जमीन से बाहर निकालने के बाद हाईड्रा मशीन की जरूरत थी। अंडरपास की उंचाई कम होने के कारण हाईड्रा मौके पर नहीं पहुंच सकी। जिसके बाद ग्रामीण तार को बाहर निकालने के लिए अपने ट्रैक्टर लेकर पहुंचे। तीन ट्रैक्टरों को जोड़कर केबल को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन आशानुरूप सफलता नहीं मिला।
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गन्नौर से अस्थायी तौर पर जोड़े पांचों गांव
32 घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से गन्नौर खंड के पांच गांवों के ग्रामीण भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को कुछ राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है ताकि गांवों में कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति दी जा सके। इसके लिए पांचों गांवों को गन्नौर की लाइन से अस्थायी पर जोड़ा गया है। इससे जहां पेयजल की समस्या दूर हो सकेगी, वहीं इनवर्टर भी चार्ज हो जाएंगे।
ग्रामीण बोले
केबल पुरानी हो चुकी है। जिस कारण हर साल इस केबल में फॉल्ट आने की समस्या से जूझना पड़ता है। बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रहती है। केबल में बार-बार आ रहे फॉल्ट को देखते हुए बिजली निगम अधिकारियों को चाहिए कि इस केबल को बदल कर नई केबल डाली जाए। - सुरेंद्र राठी, ग्रामीण
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लाइट नहीं होने से ग्रामीणों के साथ पशु भी प्यासे बैठे हैं। गर्मी में बिना बिजली के बुरा हाल हो गया है। बिजली न होने से उनके घरों के इनर्वटर की बैटरी भी डाउन हो चुकी है। अधिकारियों को ग्रामीणों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।- सुभाष, ग्रामीण
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जगमग योजना में शामिल होने के बावजूद राजलू गढ़ी गांव में बिजली नहीं है। 32 घंटों से ऊपर बीत चुके है, लेकिन बिजली का कोई नामोनिशान नही है। बिजली न होने से बच्चों को भी परेशानी हो रही है। न ही पढ़ाई हो रही है और न ही उनके घरों में पीने का पानी है।
त्रिलोक चंद, ग्रामीण
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मंगलवार सुबह 11 बजे से गांवों में बिजली नहीं है। इससे उनके सभी काम रुके हुए है। पानी की भी किल्लत हो रही है। उन्हें इधर-उधर से पानी भर कर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली निगम को समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।- पवन, ग्रामीण
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वर्जन
33 हजार केवीए लाइन में फॉल्ट अंडरग्राउंड होने की वजह से काफी परेशानी हो रही है। हाईड्रा मशीन नहीं पहुंच पाने से ट्रैक्टरों के सहारे केबल बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल अस्थायी तौर पर गन्नौर से पांच गांवों में बिजली आपूर्ति दी जा रही है। निगम की तरफ से रिपेयरिंग का काम जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही रिपेयरिंग का काम पूरा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रदीप राणा, एसडीओ, बिजली निगम, गन्नौर