सोनीपत। राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक और सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे मोहनलाल बड़ौली को भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष की बड़ी बागडोर सौंप दी है। भाजपा ने एक दशक बाद फिर से ब्राह्मण कार्ड खेला है। इससे पहले वर्ष 2014 में भाजपा ने कद्दावर ब्राह्मण नेता रामबिलास शर्मा के नेतृत्व में चुनाव लड़कर पूर्ण बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाई थी।
विधायक मोहनलाल बड़ौली के प्रदेशाध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संदेश दे दिया है कि लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में भी उनका नजरिया गैर जाट राजनीति ही रहेगा, साथ ही जीटी रोड बेल्ट पर पूरा जोर रहेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल के अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी जीटी रोड बेल्ट से बन गए हैं। मोहनलाल बड़ौली पुराने संघी हैं और भाजपा के संगठन में मजबूत पकड़ भी रखते हैं। नायब सिंह सैनी को लोकसभा चुनाव से पहले गैर जाट प्रदेशाध्यक्ष व फिर मुख्यमंत्री की बागडोर देकर भाजपा गैर जाट राजनीति का साफ संदेश दे चुकी थी।
भाजपा के सत्ता में आने के बाद लगातार दो बार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष जाट नेता रहे हैं। पहले सुभाष बराला तो बाद में ओमप्रकाश धनखड़ को यह जिम्मेदारी दी गई थी। मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मोहनलाल बड़ौली को हरियाणा का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त करते हुए तुरंत प्रभाव से उन्हें यह जिम्मेदारी दे दी है। फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष की कमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास ही थी, लेकिन भाजपा में एक नेता-एक पद के सिद्धांत को मानते हुए अब यह नियुक्ति की गई है।
भाजपा ने 10 साल बाद फिर से ब्राह्मण कार्ड खेलकर विधानसभा चुनाव को लेकर भी नजरिया साफ कर दिया है। मोहनलाल कौशिक मूलरूप से सोनीपत के राई हलका के बड़ौली गांव के रहने वाले हैं। इसी कारण वह अपने नाम के साथ बड़ौली लगाते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो दिन पहले नई दिल्ली का दौरा किया था, जहां पर चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात के बाद जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी। इसके बाद मोहनलाल को प्रदेशाध्यक्ष बनाने पर सहमति बना ली गई थी। (संवाद)
कृष्णलाल पंवार से लेकर मनीष ग्रोवर, सुभाष बराला तक की थी चर्चा
मोहनलाल बड़ौली के नाम पर मुहर से पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संभावितों में पंजाबी नेता मनीष ग्रोवर, जाट नेता सुभाष बराला व राज्यसभा सदस्य कृष्णपाल पंवार के नाम पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन संगठन में पुराने और अनुभवी होने के कारण मोहनलाल को तवज्जो दी गई। वह प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
विधानसभा चुनाव में रहेंगी कई चुनौतियां
प्रदेशाध्यक्ष के रूप में मोहनलाल बड़ौली को अब जल्द ही विधानसभा चुनाव में परीक्षा देनी होगी। विधानसभा चुनाव में उन्हें कई परीक्षाओं के साथ संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती रहेगी। लोकसभा चुनाव सीएम नायब सिंह सैनी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए लड़ा गया था। इससे पहले 2014 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान प्रो. रामबिलास शर्मा प्रदेशाध्यक्ष थे। 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में सुभाष बराला प्रदेश अध्यक्ष थे। बाद में उनकी जगह ओमप्रकाश धनखड़ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और फिर यह जिम्मेदारी नायब सिंह सैनी संभाल रहे थे।