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गर्मी का दंश : ट्रेनाें में गला तर करना पड़ रहा ‘महंगा’

Sun, 23 Jun 2024 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। भीषण गर्मी का दंश ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की जेब पर भी पड़ रहा है। ट्रेनाें में गला तर करने के लिए यात्रियों से वेंडर पांच रुपये तक अधिक वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं मुनाफे के चक्कर में रेल नीर (पानी की बोतल) की जगह धड़ल्ले से दूसरे ब्रांड का पानी भी बेचा जा रहा है। इस बात को लेकर शायद रेलवे अधिकारी अनजान हैं।
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सोनीपत स्टेशन पर अप-डाउन में 41 गाड़ियों का ठहराव है। इनमें रोजाना करीब 40 हजार यात्री आवागमन करते हैं। तपती गर्मी लोगों का गला सूखाने लगी है। ट्रेनों में यात्रियों को गर्मी के मौसम में ठंडे पानी के लिए बोतलों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं दिल्ली-अंबाला रूट पर चलने वाली एक्सप्रेस सहित सवारी गाड़ियों में पानी की बोतल के मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं। वेंडर ट्रेनों में यात्रियों को एमआरपी से पांच रुपये महंगा रेल नीर बेच रहे हैं। गर्मी की मार का फायदा उठाकर यात्रियों को 15 वाली बोतल को 20 रुपये बेचकर कमाई की जा रही है। यात्रियों के समझाने पर वेंडर खुले पैसे का बहाना बना रहे हैं। दाम पूछने पर वेंडर झगड़ने को भी तैयार हो जाते हैं। दूसरी तरफ रेलवे अधिकारियों के निर्देशानुसार स्टेशन व ट्रेनों में रेल नीर का पानी बेचना ही अनिवार्य है, लेकिन कई अवैध वेंडर पैसेंजर ट्रेनों में किसी अन्य कंपनी या लोकल ब्रांड का पानी बेचने में भी पीछे नहीं हैं।

बोलें यात्री



परिवार के साथ दिल्ली जा रहे हैं। भीषण गर्मी में बार-बार प्यास लगती है। ऐसे में ठंडा पानी पीने के लिए बार-बार बोतल पर निर्भर रहना पड़ता है। घर से जो ठंडे पानी की बोतल लाए थे, वो थोड़े समय के बाद ही गर्म हो गई। सफर के दौरान वेंडरों से ही ठंडी बोतल खरीदनी पड़ती है, लेकिन वेंडर 15 रुपये की बोतल के 20 रुपये वसूल रहे हैं। अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
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आलोक, यात्री



दवाई लेने के लिए कई बार पानीपत आना-जाना पड़ता है। दिल्ली-अंबाला रूट पर चलने वाली अधिकतर एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों में वेंडर यात्रियों से पानी की बोतल के पांच रुपये ज्यादा वसूल रहे हैं। जब उन्हें एमआरपी दिखाते हैं तो खुले पैसों का बहाना बनाते हैं। कई वेंडर तो झगड़ने पर उतारू हो जाते हैं। इतना ही नहीं, कई वेंडर अलग-अलग कंपनी के पानी की बोतल बेंच रहे हैं।



नीता, यात्री

ट्रेनों में सफर के दौरान पानी के लिए वेंडरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बढ़ती गर्मी के चलते ट्रेनों में आवागमन करने वाले यात्री पांच रुपये महंगा रेल नीर खरीदने को मजबूर हैं। गर्मी से बचने के लिए यात्रियों को मजबूरीवश पानी खरीदना पड़ता है। अधिकतर वेंडर अलग-अलग कंपनी वाली पानी की बोतलें बेच रहे हैं। अधिकारियों को मामले में कार्रवाई करनी चाहिए।



मनजीत, यात्री

वर्जन -

एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों में केवल रेल नीर बेचना ही अनिवार्य है। इस बारे में वेंडरों को कई बार हिदायत दी गई है, साथ ही ट्रेनों में वेंडरों को निर्धारित मूल्य पर ही रेल नीर बेचने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई वेंडर अन्य कंपनी या महंगी दर पर पानी की बोतल बेचते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2024 में पानीपत रेल खंड में 75 अवैध वेंडरों के खिलाफ रेलवे एक्ट 144ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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- अजय माइकल, जनसंपर्क अधिकारी, दिल्ली मंडल
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