अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट में काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग से 10 एकड़ में सरकारी कॉलोनी बसाई जाएगी। अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें अधिकारियों के लिए बड़े क्वार्टर व कर्मचारियों के लिए अलग से क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा।
मार्केट में बनाई जाएंगी 1200 दुकानें
अंतरराष्ट्रीय बागवानी मार्केट में 1200 दुकानें बनाई जाएंगी। विशेष बात यह रहेगी कि नीचे दुकानें और ऊपर कार्यालय बनाए जाएंगे। सामग्री प्रबंध, निपटान, साफ सफाई और ई-नीलामी की मॉडर्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्केट में किसान ीविश्राम गृह, कोल्ड स्टोरेज, धुलाई, बैंडिंग, पैक हाउस, प्रोसेसिंग यूनिट भी लगेंगी। मार्केट के साथ वेयर हाउस की सुविधा भी मिलेगी।
बागवानी मार्केट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस स्टेशन भवन का निर्माण जाएगा। साथ ही अग्निशमन सेवाओं से संबंधित अग्निशमन कार्यालय भी बनाया जाएगा। बिजली आपूर्ति के लिए मार्केट परिसर में पांच बिजली घर बनाए जाएंगे। इसमें 220 केवी का एक बिजली घर और 33-33 केवी के चार बिजलीघर स्थापित किए जाएंगे।
मार्केट में इन राज्यों से आएगा माल
अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट में 14 राज्यों से माल मंगाया जाएगा। महाराष्ट्र से प्याज, अंगूर, अनार व केला, गुजरात से चीकू व केला, कर्नाटक से अदरक, अंगूर, आलू व अनार, मध्यप्रदेश से बेर, राजस्थान से किन्नू, संतरा व सब्जियां, छत्तीसगढ़ से सब्जियां, असम से अनानास, नींबू व अदरक, आंध्र प्रदेश से मौसमी, उत्तर प्रदेश से आम, अमरूद, लीची व सब्जियां, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से सेब, अनासपाती व आलूबुखारा, बिहार से लीची, अंगूर व मखाना, उत्तराखंड से आम व लीची, पंजाब व दिल्ली से सब्जियां आएंगी।
अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मार्केट के निर्माण के लिए हैदराबाद की एक कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया है। मार्केट को दो साल विकसित किया जाएगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।