ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। जिले में विभाग ने 17 निजी व 8 सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित किए हैं। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद विभाग की ओर से पहले चरण में सभी अस्पतालों में 20-20 बेड के वार्ड बनाए जाएंगे। फिलहाल किसी भी अस्पताल में कोविड-19 वार्ड नहीं है।
वर्तमान में राहत की बात यह है कि जिले में कोरोना का कोई संक्रमित नहीं है। जब से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई, उस समय से अब तक जिले में 59914 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 277 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकतर मौत समय पर ऑक्सीजन न मिलने व वेंटिलेटर के अभाव में हुई थी। 59 हजार 637 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।
ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ.7 को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने निजी अस्पताल संचालकों के साथ सरकारी चिकित्सकों की भी बैठक ली थी। उस समय कोविड वार्ड को लेकर मंथन किया गया था। वैरिएंट बीएफ.7 की आशंका के चलते 31 दिसंबर तक 17 निजी अस्पताल व 8 सरकारी अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं।
कोरोना नियमों का नहीं कर रहे पालन
कोरोना की प्रथम तीन लहर देखने के बाद भी लोग महामारी के प्रति सतर्क नजर नहीं आ रहे हैं। अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज बिना मास्क लगाए पहुंच रहे हैं। साथ ही साथ ही दुकानदारों और ग्राहकों के मुंह से अब मास्क गायब हो गए हैं। बाजार में आने वाले ज्यादातर लोग बिना मास्क लगाए ही घूम रहे हैं। ऊपर से कोरोना की जांच को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस वजह से संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है।
विभाग के पास बेड की स्थिति
संक्रमितों को भर्ती करने के लिए विभाग के पास कोविड बेड 250, ऑक्सीजन बेड 200, आईसीयू बेड 50 व वेंटिलेटर 50 निर्धारित कर रखे हैं। किसी भी अस्पताल में अभी तक कोई कोविड-19 वार्ड नहीं बनाया गया है। कोरोना की आशंका से किसी भी स्थान पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे में लोगों को फिर से शारीरिक दूरी का पालन करने व दोबारा से मास्क लगाने की जरूरत है।
इन अस्पतालों में बेड किए आरक्षित
खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज का अस्पताल, जिला नागरिक अस्पताल, नागरिक अस्पताल खरखौदा, नागरिक अस्पताल गोहाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुआं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़खालसा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फिरोजपुर बांगर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गन्नौर में बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा 17 निजी अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित किए हैं। आवश्यकता होने पर सरकारी अस्पताल से निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर किया जाएगा।
बीएफ.7 वैरिएंट की आशंका के चलते 17 निजी व 8 सरकारी अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। फिलहाल कोरोना का कोई केस नहीं है। वेंटिलेटर, मास्क, सैनिटाइजर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन जैसे उपकरणों की जांच के बाद अस्पतालों में बेड आरक्षित किए हैं। जिससे कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने में परेशानी न आए।
डॉ. दिनेश छिल्लर, नोडल अधिकारी कोविड-19