सोनीपत। राष्ट्रसंत जैनाचार्य डॉ. आचार्य दिव्यानंद सूरीश्वर महाराज (निराले बाबा) ने कहा कि दशहरा पर्व असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय की विजय का मार्ग प्रदर्शित करता है। मनुष्य को इन शिक्षाओं को जीवन में धारण करने का संकेत देता है। मनुष्य को जीवन में जो सुख-सुविधाएं मिली हैं, उसके लिए परमात्मा का उपकार मानना चाहिए।
निराले बाबा, दिव्यानंद निराले बाबा चातुर्मास समिति की ओर से सेक्टर-15 में चातुर्मास पर आयोजित धर्म सभा में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन में मां-बाप व गुरु की कभी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। समिति के मंत्री मुकेश सिंगला ने बताया कि दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में 13 अक्तूबर को श्री रामायण जी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। 14 अक्तूबर को सुबह रामायण जी का अखंड पाठ प्रारंभ किया जाएगा, जो 15 अक्तूबर को भंडारे के साथ संपन्न होगा। कार्यक्रम में संयोजक सुभाष सिंगला व अशोक भगत ने राजस्थान के जिला चूरू से आए लक्ष्मीपत सुराणा, नरेंद्र बरमेचा व मूलचंद डागा का सम्मान किया।