सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुक्रवार शाम को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते करीब एक घंटा तक गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी व हल्की बारिश होती रही। इससे सरसों की फसल के साथ ही गेहूं की अगेती फसल पर खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार इसका असर 31 मार्च तक बना रहेगा। उसके बाद 2 अप्रैल को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।
जिले में कई दिन से तेज धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया था। यही नहीं न्यूनतम तापमान भी 18 डिग्री के आसपास बना हुआ था। इससे गर्मी का अहसास होने लगा था। इसी बीच शुक्रवार शाम को मौसम का मिजाज बदल गया और आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद करीब सात बजे बूंदाबांदी व हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक बूंदाबांदी होती रही। शनिवार को बूंदाबांदी के आसार बने हुए है। देर शाम हुई हल्की बारिश से शहर में कई निचाई वाले स्थानों पर पानी भर गया। जिससे लोगों को परेशानी हुई।
किसानों की चिंता बढ़ी
मौसम के मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मार्च माह की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण सोनीपत जिले में गेहूं और सरसों की फसल में काफी नुकसान हुआ था। किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी मुआवजे के लिए 56 हजार से अधिक एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया हुआ है। अब सरसों की फसल पक कर तैयार हो चुकी है, किसान कटाई व कढ़ाई करने में जुटे हुए है। ऐसे में बारिश ने नुकसान का अंदेशा बढ़ा दिया है। सोनीपत में करीब डेढ़ लाख हैक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की गई है। गेहूं की फसल कई जगहों पर पक चुकी है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में कटाई प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। ऐसे में बारिश से उनकी मुसीबत बढ़ गई है। सरसों में भी नुकसान हो सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके कारण 31 मार्च तक बूंदाबांदी व हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं। इस दौरान हवाओं की गति तेज रहने की संभावना है।
डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके, सोनीपत