पेट्रोल पंपों पर लूटपाट करने वाले कुल्हाड़ी गैंग सदस्य दिल्ली के नरेला से चिट्टा व स्मैक लेकर आते थे। नशे की पूर्ति के लिए ही उन्होंने लूट की वारदातों को अंजाम दिया। सीआईए की टीम ने नरेला में दबिश दी है लेकिन वहां मादक पदार्थ तस्कर नहीं मिले। पुलिस मामले में सुबूत जुटा रही है।
जिले में कुल्हाड़ी गैंग का आतंक तीन सप्ताह तक छाया रहा। कुल्हाड़ी गैंग के सदस्य पल्सर बाइक पर आते थे। वह आते ही पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों पर कुल्हाड़ी से हमला कर देते थे। उसके बाद रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग जाते थे। आरोपी अगस्त माह में ही सोनीपत में लूट की पांच व नरेला में एक वारदात को अंजाम दे चुके थे। इससे पेट्रोल पंप संचालकों व कर्मचारियों में खौफ पैदा हो गया था। सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीम ने मामले में गांव नांगल कलां के रहने वाले सचिन उर्फ बाबा, विकास व प्रदीप उर्फ छोटा को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया था कि वह नशा करने व अन्य शौक पूरा करने को लूटपाट करते थे। अब आरोपियों ने बताया कि वह रोजाना नरेला से स्मैक व चिट्टा का नशा लेकर आते थे। टीम ने उनके बताए स्थान पर निशानदेही की। हालांकि वहां कोई नहीं मिला। पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।