हरियाणा प्रदेश के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर वाहनों की लगने वाली कतार से अब छुटकारा मिल सकेगा। टोल पर ऑटोमेटिक टोल टैक्स कलेक्शन को सक्षम बनाने के लिए नंबर प्लेट पहचान प्रणाली इस्तेमाल में लाई जाएगी। एक्सप्रेस-वे के सभी 11 टोल प्लाजा पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाने हैं। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की ओर से नई व्यवस्था शुरू करने के लिए 31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केएमपी एक्सप्रेस-वे पर रोजाना करीब 65 हजार वाहन आवागमन करते हैं। एचएसआईआईडीसी को एक्सप्रेस-वे पर रोजाना 1.15 करोड़ रुपये टोल प्राप्त हो रहा है। एचएसआईआईडीसी की ओर से केएमपी एक्सप्रेस वे के सभी 11 टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाएंगे।
जैसे ही कोई वाहन टोल प्लाजा के पास से गुजरेगा, वहां लगे खास कैमरे कार के नंबर की पहचान कर लेगा। टोल का चार्ज वाहन मालिक के बैंक खाते से कट जाएगा। इस तरह की सुविधा चालू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को लंबी लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
135 किलोमीटर लंबे केएमपी एक्सप्रेस-वे पर स्थित 11 टोल प्लाजा पर निजी कंपनियों के माध्यम से वाहन चालकों से टोल टैक्स वसूला जाता है । पहले टोल प्लाजा पर केवल नकद और क्रेडिट या डेबिट कार्ड से टैक्स लिया जाता था। इसके बाद यहां पर फास्टैग की सुविधा शुरू की गई। अब एचएसआईआईडीसी की तरफ से ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाएंगे।
सरकार एक्सप्रेस वे पर वाहन चालकों से टोल लेने के लिए आधुनिक सिस्टम को विकसित कर रही है, जिसमें वाहनों की नंबर प्लेट के जरिये ही टोल शुल्क वाहन मालिक के बैंक खाते से कट जाएगा। सरकार के आदेश के बाद एचएसआईआईडीसी की ओर से 41 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद सभी टोल प्लाजा पर कैमरे लगाए जाएंगे।
चोरी की गाड़ी निकलने पर मिलेगा अलर्ट
कैमरे लगने के बाद अगर कोई चोरी का वाहन जिसकी शिकायत पुलिस थाने में की गई है तो वह यहां से गुजरेगा तो उसका भी अलर्ट मिल सकेगा। पुलिस की मदद से चोरी हुए वाहनों के नंबर सॉफ्टवेयर में अपलोड किए जा सकेंगे। इसके माध्यम से चोरी के वाहनों की पहचान करने में मदद मिल सकेगी।
केएमपी एक्सप्रेस-वे के सभी टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए जाएंगे। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय भेज दिया गया है।
-सुरेंद्र सिंह, एजीएम एचएसआईआईडीसी