सोनीपत। जिलास्तरीय कार्यान्वयन समिति की ओर से विश्वकर्मा योजना के 14 हजार 392 लाभार्थियों के आवेदनों को मंजूरी दी गई। इन सभी लाभार्थियों के कौशल को निखारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद करेगी। योजना का मुख्य फोकस कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की पहुंच के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार करना है। यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी।
उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत 18 विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, सुथार, चटाई बनाना, गुडिया व खिलौने बनाना, बारबर, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने का काम शामिल है। उन्होंने योजना के पात्र कारीगरों से आह्वान किया कि वे तुरंत इस योजना को लेकर अपना पंजीकरण करें और अपने कौशल और आजीविका को बेहतर बनाने के लिए इसका अधिकतम लाभ उठाएं।