सोनीपत। डॉ. आंबेडकर भवन में बुधवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा जाति विशेष का नाम बदलकर ‘मेघवाल’ किए जाने की घोषणा पर कड़ा एतराज जताया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस घोषणा से समाज में रोष, असंतोष और मानसिक पीड़ा व्याप्त है। उन्होंने कहा कि समाज की सहमति के बिना उसकी ऐतिहासिक पहचान बदलना स्वाभिमान पर प्रहार है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले एक-दो दिनों में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की जाएगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी भेजी जाएगी। प्रतिनिधियों ने कहा कि संत रविदास महाराज और डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रेरणा से अनेक महापुरुषों ने समाज का मार्गदर्शन किया है। बैठक में राजेश कटारिया, आरके पौरिया, रतन सिंह भाटिया, कृष्ण भाटिया और बसंत चालिया मौजूद रहे। संवाद