दिल्ली में जंतर मंतर पर जारी धरने में बात अब पहलवानों की नहीं रही, बल्कि बेटियों की इज्जत की बन आई। बेटी पूरे गांव और समाज की होती है। यही हरियाणा की परंपरा रही है इसलिए अब बेटियों को न्याय दिलाने के लिए बड़े स्तर पर संस्थाएं व लोग एकजुट होने लगे हैं।
वे बड़ी संख्या में दिल्ली की तरफ कूच भी करने लगे। विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी पार्टी के नेता भी समर्थन दे रहे हैं और इस आंदोलन को अब न्याय युद्ध की संज्ञा दी जाने लगी है। पहलवानों के धरने को सफल बनाने के लिए लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा जा रहा है।
उनसे इस न्याय युद्ध में जाति और धर्म से ऊपर उठकर बेटियों को आशीर्वाद देने की अपील की जा रही है। शुक्रवार शाम पहलवान बजरंग पूनिया ने भी फेसबुक पर पोस्ट कर इसे न्याय युद्ध बताया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी बेटियों के नाम पर संदेश जारी कर दिया। इन अपीलों से किसानों के साथ-साथ युवा व महिलाएं बड़े स्तर पर जुड़ रहे हैं। कर्मचारी भी सामने आने लगे है।
गांव-गांव में एक ही संदेश
इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों से गांव-गांव में संदेश दिया जा रहा है कि यह मामला केवल पहलवानों और कुश्ती संघ के बीच का नहीं है। यह मामला हरियाणा की बेटियों की इज्जत से जुड़ा है और हरियाणा में बेटी किसी जाति और बिरादरी से नहीं बल्कि पूरे गांव और समाज की बेटी होती है।
दीपेंद्र हुड्डा बोले-यह विषय बेटियों से जुड़ा है
राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, भाजपा नेता केवल अपनी बेटी को बचाने का लक्ष्य रखते हैं। मंत्री संदीप सिंह पर महिला कोच से छेड़खानी के आरोप है। हिस्ट्रीशीटर पर पहलवानों के यौन शोषण का आरोप है। क्या कोई भाजपा नेता अपने घर की बेटी को इन आरोपों के साथ किसी के खिलाफ धरने पर बैठा सकता है। यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि बेटियों से जुड़ा है।
फेसबुक पर बजरंग ने मांगा समर्थन
इस संघर्ष में पूरे देशवासियों जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और राजस्थान से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक के वासियों से साथ देने की उम्मीद करते हैं। यह न्याय युद्ध है, इसमें सभी जातियों, सभी धर्मों के लोगों को आहुति की जरूरत है। तभी हम इन भारत की बेटियों को न्याय दिला पाएंगे।
अब आंदोलन खत्म करें : अनुराग
केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मेरा आग्रह है कि पहलवान अपना आंदोलन समाप्त कर दें। उनकी सभी मांगों को सरकार पूरा कर रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना आदेश दे दिया है। अब पहलवान निष्पक्ष जांच को अपनी ओर से पूरा सहयोग करे और दिल्ली पुलिस को अपना काम करने दें।