फोटो 48: नगर निगम कार्यालय में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते निगम पार्षद
सोनीपत। नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर ठेकेदारों की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम दी गई शिकायत का मामले ने तूल पकड़ लिया। अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्षदों ने सोमवार को निगम कार्यालय में एकत्रित होकर रोष जताया। साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया।
निगम पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारी बिना कमीशन या रिश्वत लिए काम नहीं करते। अधिकारी लोगों की समस्या का समाधान भी नहीं कर रहे। लोग निगम कार्यालय में समस्या के समाधान कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाले पार्षदों में हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र नैय्यर, मुकेश सैनी, रेनू सैनी, मुनिराम, इंदू वलेचा, संगीता सैनी, अतुल जैन, नीतू दहिया, मंजीत गहलावत, नवीन तंवर, मोनिका नागर आदि शामिल रहे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह में जांच शुरू नहीं कराई तो वह निगम कार्यालय में धरने पर बैठ जाएंगे।
ठेकेदारों की तरफ से की गई शिकायत के बाद जांच प्रक्रिया जारी है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठेकेदार उनके सामने आया नहीं है। निगम कमिश्नर ने उनको इस मामले को लेकर जांच अधिकारी के लिए नियुक्त किया गया है।
अशोक रावत, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
फोटो 48: नगर निगम कार्यालय में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते निगम पार्षद