खरखौदा अनाज मंडी में धरनास्थल पर आढ़तियों के बीच पहुंचे विधायक जयवीर सिंह। संवाद
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ई-ट्रेडिंग प्रणाली के खिलाफ और बढ़ाई गई मार्केट फीस व एचआरडीएफ वापस लेने की मांग को लेकर मंडियों में एक सप्ताह से धरने पर बैठे आढ़तियों ने हड़ताल स्थगित कर दी है। मंगलवार से जिले की सभी अनाज मंडियों में धान, बाजरा व अन्य खरीफ फसलों की खरीद दोबारा शुरू हो जाएगी। खरीद शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आढ़ती 19 सितंबर से हड़ताल पर थे। किसान दिल्ली की नरेला मंडी में धान बेचने के लिए मजबूर हो रहे थे।
अनाज मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन संजय वर्मा ने बताया कि सोनीपत से सोमवार को 25 आढ़तियों का दल करनाल पहुंचा। वहां पर आढ़तियों की ओर से अनशन चला रहा था। वहां सरकार से आश्वासन मिला कि मंडियों में लागू की गई ई-ट्रेडिंग प्रणाली से फसल खरीद न करने व मार्केट फीस कम कर दी जाएगी। साथ ही बारिश में प्रभावित हुई फसलों को लेकर किसान हित को देखते हुए हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया। मंगलवार से सोनीपत, गोहाना, खरखौदा व गन्नौर अनाज मंडी में दोबारा फसल की खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है। कोषाध्यक्ष प्रवीन गोयल ने बताया कि अनाज मंडी में मंगलवार को धान की आवक व खरीद शुरू हो जाएगी।
कांग्रेस विधायक ने आढ़तियों के धरने पर समर्थन किया
खरखौदा की अनाज मंडी में धरने पर बैठे आढ़तियों को समर्थन देने सोमवार को विधायक जयवीर सिंह पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसान व आढ़ती के बीच में दरार पैदा करना चाहती है। उन्होंने सरकार से बारिश में खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। मंडी एसोसिएशन प्रधान नरेश दहिया ने कहा कि सरकार की एक ही मंशा है कि प्रदेश की जमीन को किसान से छीनकर कॉरपोरेट जगत के हवाले करवाना है। इस दौरान आढ़ती प्रमोद, दलबीर, हरीश, मुकेश, दिनेश, सतीश, कृष्ण वर्मा, पवन व जोगिंद्र दहिया, रमेश दहिया, कुलदीप दहिया, ईश्वर दहिया आदि मौजूद रहे।