सोनीपत। जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी लगभग तय हो चुके हैं। भाजपा, कांग्रेस, आप, जजपा व इनेलो समेत कई निर्दलीय समेत 94 प्रत्याशी मैदान में हैं। इससे मुकाबला कड़ा होने के आसार बन गए हैं।
कांग्रेस-भाजपा में जहां कड़ा मुकाबला दिख रहा है वहीं इनेलो, जजपा व आप पार्टी के प्रत्याशी किसी का भी खेल बना और बिगाड़ सकते हैं। गन्नौर विधानसभा क्षेत्र से देवेंद्र कादियान ने मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।
सोनीपत विधानसभा सीट पर भाजपा के बगावती राजीव जैन ने अंतिम क्षणों में नामांकन दाखिल कर सभी को चौंका दिया है। सोनीपत विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार फिलहाल जेल में हैं और उनकी पुत्रवधु समीक्षा पंवार ने प्रचार की जिम्मेदारी संभाली है। वहीं, भाजपा के युवा चेहरे निखिल मदान ने पंजाबियों को एकजुट करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के देवेंद्र गौतम, इनेलो-एएसपी गठबंधन के राजेश एडवोकेट के साथ ही जजपा प्रत्याशी बिट्टू मास्टर भी खेल बनाने व बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। यहां से पूर्व मंत्री कविता जैन के पति एवं मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने निर्दलीय मैदान में उतरकर मुकाबला कड़ा बना दिया है। राई विधानसभा में भाजपा की प्रत्याशी कृष्णा गहलावत दूसरी बार मैदान में हैं। इससे पहले वह यहां से वर्ष 2014 का चुनाव हार चुकी हैं। उनके सामने कांग्रेस ने युवा चेहरे व आंतिल बारहा खाप के प्रधान जयभगवान आंतिल पर दांव खेला है। यहां से तीसरे प्रत्याशी निर्दलीय प्रतीक राजकुमार शर्मा हैं। जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में उनके पिता राजकुमार शर्मा ने करीब 8 हजार वोट लेकर प्रभावित किया था। वहीं, आप ने अधिवक्ता राजेश सरोहा, जजपा ने बिजेंद्र आंतिल मुरथल व इनेलो ने प्रमोद कुमार को मैदान में उतारा है।
गोहाना में कांग्रेस के मौजूदा विधायक जगबीर मलिक व भाजपा ने डॉ.अरविंद शर्मा को मैदान में उतारा है। यहां भी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। आप से शिव कुमार रंगीला, जजपा-एएसपी कुलदीप मलिक भी नजर रहेगी। बरोदा विधानसभा भी कमोबेश स्थिति यही है और यहां कांग्रेस के निवर्तमान विधायक इंदुराज व भाजपा के प्रदीप सांगवान जोर आजमाइश करेंगे। आम आदमी पार्टी ने यहां से संदीप मलिक को भी दम दिखाने को तैयार हैं। साथ ही जजपा ने दीपक मलिक को मैदान में उतारा है। बड़ी बात यह है कि यहां से कांग्रेस के बागी डॉ. कपूर नरवाल ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है, जिसके कारण यहां मुकाबला अब दिलचस्प बन गया है।
खरखौदा को हुड्डा का गढ़ माना जाता है। यहां से कांग्रेस ने निवर्तमान विधायक जयबीर सिंह तो भाजपा ने पवन खरखौदा को टिकट दिया है। आम आदमी पार्टी ने मंजीत फरमाणा को मैदान में उतारा है तो रमेश खटक को इनेलो ने टिकट दिया है।
गन्नौर में कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा पर दांव खेला है। वह दो बार विधायक रह चुके हैं, हालांकि पिछली बार हार गए थे। उनके सामने इस बार पूर्व सांसद रमेश कौशिक के भाई देवेंद्र कौशिक भाजपा की टिकट पर मैदान में है।
यहां दो दिन पहले ही भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले देवेंद्र कादियान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। गन्नौर से आप ने सरोजबाला राठी को मैदान में उतारा है।