पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में शनिवार को सरपंच और पंच के चुनाव के लिए मतदान होगा। 316 पंचायतों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा, जिसमें 7.67 लाख मतदाता 314 सरपंच व 1066 पंच के भाग्य का फैसला करेंगे। जिले में सरपंच के लिए 1476 और पंच के लिए 2986 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। शाम 6 बजे तक मतदान खत्म होने के बाद मतगणना की जाएगी। इसके बाद नए सरपंच व पंच की घोषणा होगी। प्रचार थमने के बाद अंतिम दिन शुक्रवार को प्रत्याशियों ने डोर-टू-डोर जाकर मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट करने की अपील की।
जिले में 318 पंचायतों में से गांव सनपेड़ा, आंवली व भंडेरी में सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया गया है। जबकि गांव जुआं-1 में चुनाव का बहिष्कार करते हुए सरपंच व पंच के सभी नामांकन वापस ले लिए गए थे। ऐसे में अब 314 सरपंच के लिए 1476 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों में 791 पुरुष और 685 महिला हैं। वहीं 3492 पंच में से 2286 का चुनाव सर्वसम्मति से कर लिया गया है। 140 पंचों के लिए किसी ने नामांकन नहीं किया है। ऐसे में अब शेष 1066 पंचों के लिए 2986 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1736 पुरुष और 1250 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।
जिले में शनिवार को 7 लाख 67 हजार 621 मतदाता सरपंच-पंच के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। सरपंच के चुनाव के लिए प्रत्येक बूथ पर एक ईवीएम होगी। पंच का चुनाव पर्ची से किया जाएगा, इसके लिए मतदाता मतपेटी में पर्ची डालेंगे। शाम छह बजे मतदान खत्म होने के बाद बूथों पर ही मतों की गणना की जाएगी। इसके बाद गांव की नई सरकार की घोषणा होगी।
इन गांवों में सर्वसम्मति से बनाए जा चुके सरपंच
मुरथल खंड के गांव सनपेड़ा, कथूरा खंड के गांव भंडेरी व गोहाना खंड के गांव आंवली में सरपंच निर्विरोध चुने जा चुके हैं। गांव भंडेरी में पूरी पंचायत को पहले ही सर्वसम्मति से चुना जा चुका है। वहीं गांव भंडेरी में वार्ड नंबर 2 में महिला पंच के लिए चुनाव होगा, जिसमें दो प्रत्याशी चुनाव मैदान हैं। इसके अलावा गांव सनपेड़ा में तीन वार्डों में पंच के लिए चुनाव होगा। वार्ड नंबर 2, 6 व 8 में दो-दो प्रत्याशी चुनावी रण में हैं।
जुआं-1 में 27 नामांकन ले लिए थे वापस
गांव जुआं-1 में करीब 500 एकड़ जमीन पर पानी भरा हुआ है। पानी की निकासी कराने की मांग को लेकर 21 अक्तूबर से ग्रामीण लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे हैं। पंचायत के चुनाव के लिए सरपंच के 4 व पंच के लिए 23 लोगों ने नामांकन किया था। 31 अक्तूबर तक प्रशासन की ओर से गांव में पानी की निकासी का समाधान नहीं करवाया गया। इसके बाद पंचायत चुनाव का बहिष्कार करते हुए सभी प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन वापस ले लिए थे। जिसके कारण 12 नवंबर को गांव में चुनाव नहीं होंगे।