लघु सचिवालय से पुलिस लाइन में गिरफ्तारी देने जाती आशा कार्यकर्ता। संवाद
सोनीपत। आशा कायकर्ता अपनी मांगों को लेकर 48 दिन से हड़ताल पर हैं। सरकार सुनवाई नहीं की तो सोमवार को उन्होंने जेल भरो आंदोलन के तहत पंचायत भवन से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला। इसके बाद 590 आशा कार्यकर्ता पैदल ही लघु सचिवालय से पुलिस लाइन पहुंचकर गिरफ्तारी दीं। प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी के लिए दो रोडवेज बसों का प्रबंध किया था । साथ ही एसीपी के नेतृत्व में दो थानों के एसएचओ को उनकी गिरफ्तारी के लिए तैनात रहे।
आशा वर्कर यूनियन के आह्वान पर जिले की 1267 कार्यकर्ता हड़ताल पर हैं। जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को एएनसी (एंटीनेटल केयर टेस्ट) व अन्य जांच कराने में परेशानी हो रही है। जिला प्रधान अनीता ने कहा कि सरकार ने पांच वर्ष से उनके मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की है। कोरोना महामारी के समय आशा कार्यकर्ताओं ने फ्रंटलाइन के रूप में काम किया। उसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों का समाधान करने की बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। जिला सह सचिव छवि ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। 26 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय किया जाए। उन्हें पक्का कर्मचारी बनाया जाए। उनके मानदेय में प्रोत्साहन राशि को महंगाई भत्ता के साथ जोड़ा जाए। ईएसआई, पीएफ और सेवानिवृत्ति लाभ समेत सामाजिक सुरक्षा लाभ दिया जाए। अनुभव और योग्यता के आधार पर उनकी पदोन्नति की जाए।
जेल भरो आंदोलन के दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान देशराज नैन, किसान सभा के नेता रणबीर मलिक, किसान सभा के वरिष्ठ नेता कॉमरेड श्रद्धानंद सोलंकी, सीआईटीयू के सचिव राजेश, पंचायत समिति हरियाणा के उपाध्यक्ष विकास, आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन की जिला प्रधान सोना देवी, जनवादी महिला समिति से सिरजावती मौजूद रहीं।