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Tokyo Olympic: टोक्यो ओलंपिक में दिख रहा हरियाणा का दबदबा, लंदन से ज्यादा पदक जीतने की उम्मीद

Thu, 05 Aug 2021 08:03 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

टोक्यो में चल रहे 29वें ओलंपिक खेलों में देश ने 121 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इस दल में 30 खिलाड़ी अकेले हरियाणा से हैं, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। हरियाणा की आबादी देश में मात्र दो फीसदी है। प्रदेश आबादी में 18वें स्थान पर है लेकिन ओलंपिक में खिलाड़ियों की संख्या करीब 25 फीसदी है। टोक्यो ओलंपिक में अब अपने आखिर दौर में है। अब तक देशभर के खिलाड़ियों ने पांच पदक जीत लिए हैं। 
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पहलवान बजरंग पुनिया व रवि दहिया। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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विश्व के सबसे बड़े खेल मंच ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ी अपना दबदबा बनाते दिख रहे हैं। भारत ने अब तक 33 पदक जीते हैं। टोक्यो ओलंपिक में मिले पांच में दो पदक जीतने में हरियाणा की भागीदारी है। इसमें जहां रवि दहिया ने एकल स्पर्धा में रजत पदक जीता है, वहीं हॉकी में भी पदक दिलाने में हरियाणा के खिलाड़ियों की भागीदारी रही है। 

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देश ने ओलंपिक में सबसे ज्यादा 12 पदक हॉकी में जीते हैं। उसके बाद अब तक 6 कुश्ती में, 4 शूटिंग में, तीन बैडमिंटन, तीन बॉक्सिंग, दो-दो पदक एथलेटिक्स व वेट लिफ्टिंग और एक पदक टेनिस में जीता है। देश में दो प्रतिशत आबादी वाले हरियाणा की ओलंपिक पदकों में साझेदारी बेहतर है। इस बार हरियाणा के खिलाड़ी पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। 

प्रदेश के खिलाड़ी पिछले चार ओलंपिक से लगातार पदक जीतकर देश के झोली में डाल रहे हैं। वर्ष 2008 में देश ने तीन पदक जीते, जिनमें से एक पदक हरियाणा के नाम रहा। वहीं, 2012 ओलंपिक में छह पदकों में से तीन और फिर 2016 में दो में से एक पदक हरियाणा की साक्षी मलिक ने जीता।
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वर्ष 2012 में योगेश्वर दत्त ने कुश्ती में पदक दिलाया। वहीं ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग, साइना नेहवाल की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी हरियाणा की रही है। साइना नेहवाल का जन्म हिसार में हुआ और शुरुआती शिक्षा भी हिसार में ही हुई लेकिन परिवार बाद में हैदराबाद जाकर बस गया। 

गगन नारंग के पूर्वज भी पानीपत में रहते थे, जोकि बाद में चेन्नई चले गए। टोक्यो ओलंपिक में हरियाणा के सोनीपत के गांव नाहरी के रवि दहिया ने रजत पदक जीता है। वहीं हॉकी में भी सोनीपत के गांव कुराड़ के लाडले सुमित ने देश के लिए कांस्य जीता है। हॉकी टीम में कुरुक्षेत्र से सुरेंद्र कुमार ने भी देश का प्रतिनिधित्व किया है। 

हरियाणा के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद 
टोक्यो ओलंपिक में हरियाणा के खिलाड़ियों से उम्मीद अभी बची हुई है। हरियाणा से दो खिलाड़ी अभी ऐसे हैं, जो दुनिया में नंबर एक की रैंकिंग के हैं। इनमें पहलवान बजरंग पूनिया व एथलीट नीरज चोपड़ा शामिल हैं, जिनके पदक जीतने के पूरी उम्मीद है। वहीं महिला हॉकी टीम भी पदक जीतने की प्रबल दावेदार है। वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में देश के खिलाड़ी पदक के लिए तरस रहे थे, तब हरियाणा की महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीतकर इस सूखे को खत्म किया था।
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30 में से 15 की चुनौती हो चुकी है खत्म 

टोक्यो ओलंपिक में भी पहलवान, बॉक्सर और शूटर से पदक की ज्यादा उम्मीद की जा रही थी लेकिन अब कुश्ती, हॉकी व भाला फेंक में ही चुनौती बची है। 15 ऐसे खिलाड़ियों की चुनौती समाप्त हो चुकी है, जो अलग-अलग खेलों से हैं। कुश्ती में चारों महिला पहलवान अंशु मलिक, सोनम मलिक, विनेश और सीमा बिस्ला की चुनौती खत्म हो चुकी है। 

पुरुष पहलवानों में रवि दहिया के अलावा बजरंग पूनिया से उम्मीद है। बॉक्सिंग में अमित पंघाल, विकास कृष्णन, मनीष कौशिक और पूजा बोहरा की चुनौती भी समाप्त हो चुकी है। मुक्केबाज विकास कृष्णन व शूटिंग में मनु भाकर को पदक का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन वह पदक की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। 

हरियाणा से यह खिलाड़ी ले रहे हैं ओलंपिक में भाग
बाक्सिंग में भिवानी से पूजा, मनीष व विकास कृष्ण, रोहतक से अमित पंघाल, शूटिंग में रोहतक से मनु भाकर, यमुनानगर से संजीव राजपूत, पलवल से अभिषेक वर्मा, पंचकूला से यशस्विनी देशवाल, कुश्ती में झज्जर से दीपक पूनिया, सोनीपत से सोनम मलिक, रवि दहिया, रोहतक से सीमा, चरखी दादरी से विनेश फोगाट, जींद से अंशु मलिक, झज्जर/सोनीपत से बजरंग पूनिया, एथलेटिक्स में झज्जर से राहुल, महेंद्रगढ़ से संदीप कुमार, पानीपत से नीरज चोपड़ा, चक्का फेंक में सीमा पूनिया, महिला हाकी में कुरुक्षेत्र से रानी रामपाल, नवजोत व नवनीत, सोनीपत से नेहा, मोनिका व निशा, हिसार से सविता, उदिता व शर्मिला, पुरुष हॉकी में सोनीपत से सुमित व कुरुक्षेत्र से सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
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