सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर 15 माह अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 25 दिसंबर, 2019 को पुलिस को बताया था कि उसकी करीब 15 साल की बेटी घर के बाहर पानी लेने गई थी। उसके बाद वह लापता हो गई थी। उसने शक जताया था कि गांव का प्रदीप उसकी बेटी को बहकाकर ले गया है। व्यक्ति ने कहा था कि प्रदीप उसकी बेटी को पहले भी ले गया था और कुछ घंटे बाद छोड़ गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने लड़की की तलाश की तो पता नहीं लग सका था। 23 फरवरी, 2020 को लड़की की मां की सूचना पर किशोरी को मुरथल क्षेत्र से बरामद किया गया था। किशोरी ने कोर्ट में अपनी सहेली के घर जाकर रहने के बयान दर्ज कराए थे। जिसके बाद उसे कोर्ट के आदेश पर घर भेज दिया गया था। बाद में किशोरी के 27 फरवरी, 2020 को माता-पिता पर परेशान करने का आरोप लगाया था तो उसे एक सामाजिक संस्था में भेज दिया गया था। वहां पर उसका मेडिकल कराया गया था। जिसमें दुष्कर्म व गर्भवती होने का पता लगा था। जिस पर पुलिस ने मामले में भादंसं की धारा 376 (3) व 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में 7 मार्च, 2020 को आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे अदालत में पेश कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। जांच में लड़की ने बयान दर्ज कराए थे कि आरोपी ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी थी और इस बारे में किसी को नहीं बताने की बात कही थी।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने प्रदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने प्रदीप को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी। अदालत ने जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। दोषी पर जुर्माना जमा नहीं कराने पर 15 माह कठोर कारावास की सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।