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Sonipat News: 1935 लोगों से सात करोड़ रुपये की ठगी

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राई। विद्युत मित्र कार्ड व इलेक्ट्रिक स्कूटी देने के नाम पर 1935 लोगों से सात करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित को सोनीपत की डीलरशिप देने के नाम पर ठगी की गई। पीड़ित को जब ठगी का पता लगा तो पुलिस उपायुक्त को शिकायत दी गई। उनके निर्देश पर बहालगढ़ थाना पुलिस ने दस आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम मामले में जांच कर रही है।
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पानीपत के विकास नगर निवासी बिजेंद्र सिंह ने नवंबर 2022 में उनकी मुलाकात पानीपत में बिजेंद्र के साथ हुई थी। उसने खुद को हिंदुस्तान एनर्जी सेवर्स प्राइवेट लिमिटेड का पूरे हरियाणा का डीलर बताया था। उसने बताया था कि उनकी कंपनी का कार्यालय गुरुग्राम में सोहना रोड पर सेक्टर 49 में है। उसके साथ पानीपत का आशु उर्फ आशीष जैन भी था। वह उन्हें गुरुग्राम में अपने कार्यालय में ले गए थे। सोहना रोड पर ले गया। उन्होंने बताया था कि वह इलेक्ट्रिक स्कूटर व विद्युत मित्रा कार्ड का बिजनेस करते हैं। विद्युत मित्र कार्ड प्रयोग करने से 15 से 30 फीसदी तक बिजली खपत कम होती है। साथ में 10 वर्ष तक 500 रुपये प्रति माह सब्सिडी मिलती है। एक विद्युत मित्र कार्ड 4 किलोवाट तक काम करता है। कार्ड की कीमत 7500 रुपये है। उनकी कंपनी हिंदुस्तान एनर्जी सेवर्स प्राइवेट लिमिटेड भारत सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त है। उसे इन लोगों ने सोनीपत जिले का डीलर बनाने का झांसा दिया। बिजेंद्र ने बताया कि दोनों ने गुरुग्राम ले जाने के बाद उनकी मुलाकात कंपनी का डायरेक्टर बताए गए राहुल उर्फ राहुल तिकनायक, अकाउंट हेड राजेंद्र कुमार बंसल, ऑपरेशनल हेड समीर लांबा व आदित्य, मार्केट हेड सुमित पांडेय, सेल्समैन कशिश, युवराज, अनिल, प्रियंका व सीओ सुमित कपूर से कराई। इन सभी ने उन्हें बातों में फंसा लिया था। बिजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने उन्हें सोनीपत का डीलर बनाने की बात कही। इसके लिए 4 लाख 1 हजार रुपये हिंदुस्तान एनर्जी सेवर्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में जमा कराए गए। उसके 3-4 महीने बाद ओजोन मित्रा इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप के लिए 4 लाख एक हजार रुपये और कंपनी में जमा कराए गए। उन्हें बताया गया कि उनकी स्कूटी की कीमत 2 लाख एक हजार रुपये है। वह इसकी बुकिंग कराने पर पांच साल तक प्रत्येक महीने 10 हजार रुपये सब्सिडी देंगे। इसके लिए उनके साथ फर्जी एग्रीमेंट कर फर्जी चेक दिया गया।

बहालगढ़ में कार्यालय बनाकर लोगों को जोड़ा
बिजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कंपनी के नाम से बहालगढ़ में कार्यालय खोल लिया, जिसके बाद वह लोगों को इसमें जोड़ने लगे। वह करीब 1600 लोगों को विद्युत मित्रा कार्ड के नाम पर रुपये ले चुके हैं। साथ ही 335 लोगों को स्कूटी देने के नाम पर रुपये लिए गए। राशि को उन्होंने आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों में डाल दिया। वह सात करोड़ रुपये जमा करा दिए। उसके बाद कंपनी वाले रुपये लेकर भाग गए, जिस पर उन्होंने पुलिस उपायुक्त को शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मामले को लेकर शिकायत मिली थी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, बहालगढ़
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