सोनीपत। कृषि विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर खरीफ सीजन में बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले में फसल अवशेषों में आग लगाने की घटना को लेकर रेड व येलो जोन में शामिल 16 गांव अब ग्रीन जोन में शामिल हो गए हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से इन सभी ग्राम पंचायतों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
जिले में किसानों ने करीब 1 लाख हैक्टेयर भूमि में धान की बिजाई व रोपाई की थी। अक्तूबर व नवंबर में धान की कटाई की गई थी। जिसके बाद किसानों की तरफ से फसल अवशेषों को जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। कृषि विभाग ने फसल अवशेषों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर प्रयास किए और किसानों को जागरूक किया। इसी प्रयास का परिणाम है कि अब जिले में एक भी गांव रेड या येलो जोन में शामिल नहीं है।
जिले का एक गांव रेड जोन तो 15 येलो जोन में थे शामिल
कृषि विभाग ने फसल अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं को देखते हुए जिले को रेड व येलो जोन में विभाजित किया था। साल 2021 में जिले के पांच गांव रेड जोन में और करीब 42 गांव येलो जोन में शामिल थे। खरीफ सीजन में कृषि विभाग की तरफ से चलाए गए जागरूकता अभियान व सख्ती के बाद केवल गंगाना गांव ही रेड जोन में रह गया था। वहीं येलो जोन में शामिल गांवों की संख्या भी घटकर 15 रह गई थी। इसमें सोनीपत खंड के गांव ककरोई, गन्नौर से गांव रहमाना, गोहाना में माहरा, मोई सहित पांच गांव शामिल थे। वहीं मुंडलाना खंड में येलो जोन में जागसी, बरोदा मोर सहित चार गांव, कथूरा में मिर्जापुर खेड़ी, कथूरा सहित पांच गांव शामिल किए गए थे। यह सभी गांव अब ग्रीन जोन में शामिल हो गए हैं।
सेटेलाइट से मिली थी आग लगाने की 78 लोकेशन
फसल अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट से नजर रखी जा रही थी। कृषि विभाग ने जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन के लिए भी टीमों का गठन किया गया था। साल 2021 में फसल में आग लगाने की करीब 204 व साल 2022 में महज 94 घटनाएं सामने आई थी। इस वर्ष खरीफ सीजन में यह आंकड़ा महज 78 रह गया था। इनमें से भी अधिकतर मामले भौतिक सत्यापन प्रक्रिया में गलत निकले। कृषि विभाग की तरफ से करीब 20 किसानों के खिलाफ जुर्माना किया गया है।
वर्जन
फसल अवशेषों को जलने से रोकने के लिए किए गए बेहतर कार्य के चलते जिले में अब कोई भी गांव रेड या येलो जोन में शामिल नही है। सभी गांवों को ग्रीन जोन में शामिल कर लिया गया है। रेड जोन से ग्रीन जोन में शामिल किए गए गांव गंगाना की पंचायत को 1 लाख रुपये और येलो से ग्रीन जोन में शामिल किए 15 पंचायतों को 50-50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत