गोहाना। करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज पहुंचे एमबीबीएस के 13 विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने उनका माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के पंजीकरण हाल में बैठक की और बॉन्ड पॉलिसी के बारे में चर्चा की गई। एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने एक मत होकर कहा कि जब तक बॉन्ड पॉलिसी वापस नहीं हो जाती, वह कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे। इसके बाद एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेज से लेकर खानुपर कलां गांव तक जागरूकता रैली निकाली और ग्रामीणों का समर्थन मांगा।
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं 4 नवंबर से बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठी हुई है। छात्राओं को प्रोत्साहित करने व लोगों का समर्थन के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के 13 विद्यार्थी 8 साइकिल पर सवार होकर करनाल से चले थे। वह 20 गांवों से होते हुए 102 किलोमीटर का सफर तय कर रविवार देर रात बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज पहुंचे। एमबीबीएस के छात्रों का सोमवार को स्वागत किया गया। इस दौरान छात्रों ने बताया कि वह 20 गांवों से गुजरे थे, जहां पर उन्हें ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिला है। जब तक बॉन्ड पॉलिसी वापस नहीं होती है, वे कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे।
करनाल से खानपुर कलां तक साइकिल यात्रा करने वाले एमबीबीएस के विद्यार्थियों में हैप्पी, रमन दीप सिंह, राकेश, रोहित वर्मा, वंश गर्ग, अंकिता, पूजा, आंचल, मुखराम, शिवानी, लखन व मामन शामिल रहे। इन विद्यार्थियों ने करनाल से खानपुर कलां तक 20 गांवों के लोगों को समर्थन मांगा। इसके बाद उन्होंने सोमवार को मेडिकल कॉलेज से खानुपर कलां गांव तक रैली निकाली और ग्रामीणों को बॉन्ड पॉलिसी के बारे में जागरूक किया। छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक कर ग्रामीणों से समर्थन भी मांगा। ग्रामीणों ने उनके समर्थन में सरकार से बॉन्ड पॉलिसी वापस लेने की मांग की। जिससे मध्यम वर्ग परिवार भी अपने बच्चों को चिकित्सक बना सके।
महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में सोमवार को ओपीडी 2200 से ज्यादा रही। पंजीकरण काउंटर, ओपीडी हॉल, औषधालय व एक्स-रे रूम के बाहर मरीजों की भीड़ रही। सबसे अधिक मरीज सर्जरी, मेडिसन व सांस रोग विभाग के बाहर पहुंचे। मरीजों को इलाज के लिए चिकित्सकों के कक्ष के बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सोनिका लांबा कहना है कि मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पहुंच रहे है।
छात्राएं शांतिपूर्वक धरने पर बैठी है। छात्राओं के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। सोमवार को छात्राएं कॉलेज से बाहर गई थी, साथ में सुरक्षाकर्मी भेजे गए थे। छात्राओं के कक्षाओं के बहिष्कार से मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं है। नियमित रूप से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
- डॉ. राजीव महेंद्रू, निदेशक, मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां