सोनीपत। फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं पर लगाम लगाने में जुटे कृषि विभाग के पास अब तक आगजनी की 32 लोकेशन पहुंची है। जिनमें से 12 झूठी पाई गई। इनमें 19 लोकेशन पर आगजनी की घटना मिलने पर जुर्माना व दो पर मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि एक लोकेशन की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
जिले में एक लाख हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई व बिजाई की गई थी। किसानों ने धान की 1509 किस्म अधिक क्षेत्र में उगाई है। यह फसल पककर पहले तैयार होती है। ऐसे में आमतौर पर पहली अक्तूबर से मंडी में पहुंचने वाला धान इस बार एक पखवाड़ा पहले ही पहुंचना शुरू हो गया था। ऐसे में इस बार सितंबर में फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। जिस पर कृषि विभाग ने इन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग के पास फसल अवशेष में आगजनी के 10 मामलों की सूचना अपने स्तर पर मिली है। जिसमें 9 स्थानों पर अवशेषों में आगजनी हुई मिली। जबकि सेटेलाइट के माध्यम से 22 लोकेशन मिली, जिनमें 11 जगह आग लगी मिली।
एक्यूआई में हुआ सुधार
दिल्ली-एनसीआर में शामिल सोनीपत में प्रदूषण का स्तर शुक्रवार को कम हुआ है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद भी सोनीपत में शुक्रवार को कुछ सुधार दिखाई दिया। एप पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) देर शाम 180 दिखाई दिया। हालांकि यह सुबह 231 था।
फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए लगातार कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। अब तक करीब 32 लोकेशन मिली है। जहां आगजनी हुई मिली उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत