फोटो 13- सोनीपत में हादसे के बाद मृत गोवंशों को एक जगह एकत्रित करवाती आरपीफ-जीआरपी टीम व गोभक्त
सोनीपत। दिल्ली-अंबाला रूट की अप-लाइन पर सोनीपत शुगर मिल के पास फ्लाईओवर के नीचे शनिवार को सुबह तेज रफ्तार शताब्दी एक्सप्रेस एचएनके ट्रेन की चपेट में करीब 11 गोवंश आ गए। इसमें से 7 गोवंशों की मौके पर मौत हो गई। इसमें दो गोवंश गर्भवती भी थी, इनका पेट फटने से इनके बछड़े बाहर ट्रैक पर आ गिरे। हादसे में चार गोवंश घायल हो गए। घायलों को बड़वासनी के पास गोशाला में उपचार के लिए भेजा गया। गोवंश के इंजन में फंसने के कारण मौके पर ब्रेक लग गए। सात में से दो गोवंश ट्रेन से टकराकर डाउन लाइन पर आ रही एचएनके सवारी गाड़ी की चपेट में आ गए।
गोवंशों के ट्रेन की चपेट में आने से दिल्ली-अंबाला रूट पर अप-डाउन दोनों लाइनों पर करीब एक घंटे आवागमन बाधित रहा। हादसे की सूचना मिलते ही आरपीएफ व जीआरपी थाना सहित सदर थाना एसएचओ करण सिंह व सिटी थाना एसएचओ महेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। आरपीएफ से जांच अधिकारी उप निरीक्षक महाबीर सिंह व जीआरपी से जांच अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि सुबह करीब 8:10 बजे उन्हें ट्रेन संख्या 12029 अमृतसर स्वर्ण जयंती शताब्दी एक्सप्रेस के सिक्योरिटी स्टाफ से एसआई बिजेंद्र ने मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शनिवार सुबह करीब 8:10 बजे शुगर मिल के पास गोवंशों के झुंड से कुछ गोवंश रास्ता तलाशते हुए रेलवे ट्रेक पर आ पहुंचे। इस दौरान करीब पांच गोवंश अप लाइन पर दिल्ली से अंबाला की तरफ जा रही अमृतसर स्वर्ण जयंती शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आकर कट गए। दो गोवंश शताब्दी ट्रेन से टकराकर डाउन लाइन पर पानीपत से दिल्ली जा रही सवारी गाड़ी संख्या 04406 एचएनके के सामने आकर कट गए। साथ ही चार गोवंश शताब्दी एक्सप्रेस की साइड लगने से घायल हो गए। पुलिस ने गोभक्तों के सहयोग से ट्रैक को खाली करवाया। घायल गोवंशों को एंबुलेंस की मदद से बड़वासनी के पास गोशाला में उपचार के लिए भिजवाया। मृत गोवंशों को बुलडोजर की मदद से ट्रैक के पास खाली पड़ी जमीन की खोदाई करवाकर भू-समाधि दी गई। आरपीएफ-जीआरपी का कहना है कि गोवंश अपने आप ट्रैक पर पहुंचे, फिलहाल किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही आगामी कार्रवाई होगी।
मृत गोवंशों में कई थी गर्भवती, पेट फटे
शनिवार सुबह दिल्ली-अंबाला अपलाइन पर हादसे में मृत गोवंशों में कई गोवंश गर्भवती थी। हादसे के बाद दो गोवंशों के पेट फटने से बछड़े बाहर ट्रैक पर आ गिरे, जबकि कुछ गोवंशों की ट्रेन के नीचे फंसने से मौत हो गई। एक गोवंश शताब्दी एक्सप्रेस के इंजन में जा फंसा।