सोनीपत। दीनदयाल जन आवास योजना के तहत विकसित हो रहे 12 प्रोजेक्ट की 10 एकड़ जमीन डीटीपी विभाग के नाम हो चुकी है। इस जमीन पर सोसाइटी में रहने वाले लोगों की मांग के अनुसार कोई सार्वजनिक भवन बनाया जाना है। इसमें स्कूल, अस्पताल से लेकर सामुदायिक केंद्र व धार्मिक स्थल तक शामिल हैं। इस योजना के तहत अब तक जिले में 32 प्रोजेक्ट हैं।
दीनदयाल योजना के अनुसार हर प्रोजेक्ट में जमीन का 10 फीसदी हिस्सा सरकार के लिए छोड़ना होता है। यह शर्त पूरी करने के बाद ही आवेदक को कॉलोनी बसाने की अनुमति दी जाती है। दीनदयाल जन आवास योजना के तहत कोई भी प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कॉलोनाइजर को विभाग से कंप्लीशन प्रमाण पत्र लेना होता है। इससे पहले प्रोजेक्ट की निर्धारित जमीन भी विभाग के नाम करनी होती है। आंकड़ों के अनुसार जिले में 32 प्रोजेक्ट हैं, जिनमें से 4 पूरे हो चुके हैं और 28 अभी निर्माणाधीन हैं। दीनदयाल जन आवास योजना के तहत एक शर्त सामुदायिक जगह को लेकर भी होती है। योजना के लाइसेंस के साथ लागू होने वाली शर्त के अनुसार कॉलोनाइजर को प्रोजेक्ट की कुल जमीन का 10 प्रतिशत हिस्सा कम्यूनिटी साइट के लिए छोड़ना होगा।
बिल्डर की नहीं चलेगी मनमानी
सोसाइटी डायरेक्टर के नाम करवाने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि इन जमीनों पर बिल्डर का कोई हक नहीं रहेगा। जिसकी वजह से कम्युनिटी साइट के लिए छोड़ी गई जगह पर बिल्डर अपनी मनमर्जी नहीं कर पाएगा। वहीं, भविष्य में जिस भी तरह की सामुदायिक इमारत का निर्माण किया जाना होगा।
दीनदयाल जन आवास योजना के तहत जिले में कुल 32 लाइसेंस दिए गए हैं। इनमें से 4 पूरे हो चुके हैं। 8 की कम्पलीशन प्रोसेस में हैं। 12 प्रोजेक्ट की कम्युनिटी साइट डायरेक्टर के नाम करवाई गई हैं। आगे जो भी कम्युनिटी बिल्डिंग बननी होगी, उस विभाग को साइट ट्रांसफर कर दी जाएगी। -नरेश कुमार, डीटीपी, सोनीपत।