संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती और लोगों को जागरूक करने के चलते बीते तीन वर्षों में मलेरिया मरीजों का ग्राफ गिरा है। पिछले तीन वर्षों में केवल 23 लोग मलेरिया की चपेट में आए हैं। इस वर्ष भी स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियों शुरू कर दी है। बरसाती सीजन आने से पहले ही विभाग ने जागरूक अभियान के साथ ही जिले के 407 तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ दी हैं।
हर वर्ष 25 अप्रैल को लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मलेरिया से बचाने के लिए विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। हर वर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के साथ लारवे को खतम करने का अभियान चलाया जाता है। अगर आंकडों की बात करे तो जिले में वर्ष 2015 में 602 लोग मलेरिया के चपेट में आए थे। इसके बाद वर्ष 2016 में घटकर यह आंकड़ा 112 तक पहुंच गया था। अब वर्ष 2020 से अब तक 23 मरीज ही मलेरिया से पीड़ित मिले हैं। इस वर्ष भी मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए के विभाग ने पहले ही जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान में गांवों में सरपंचों व शहर में पार्षदों की सहायता भी ली जा रही है। स्कूलों और गांवों में जागरूक कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। लोगों को पर्चे बांटकर आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देने, टंकियों को खाली कर हर सप्ताह साफ करने के प्रति किया जा रहा है। इसका असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या पर तो विभाग ने काफी हद तक नियंत्रण पाया है।
तीन वर्षों में मिले मलेरिया पीड़ित
वर्ष, मरीज, नोटिस, स्लाइड
2020, 8, 1900, 1 लाख 20 हजार
2021, 7, 3268, 1 लाख 86 हजार 774
2022, 8, 1830, 1 लाख 71 हजार 77
165 एमपीएचडब्ल्यू के पर, केवल 56 ही कार्यरत
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की काफी कमी है। जिले में मलेरिया विभाग के पास सर्वे करने, मलेरिया व डेंगू के सैंपल एकत्र करने व लोगों को जागरूक करने के लिए 165 एमपीएचडब्ल्यू के पद हैं। इसमें से सिर्फ 56 कर्मचारी ही कार्यरत है। शेष पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके चलते अन्य कर्मचारियों पर अधिक कार्यभार है। हालांकि विभाग की ओर से आशा वर्कर्स व एएनएम कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाता है।
मलेरिया के लक्षण
. सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार
. सिर दर्द व उल्टियां
. बुखार उतरते समय बदन का पसीना पीसना होना
बचाव
सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें तथा सुखाकर ही पानी भरें।
पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल तथा अन्य टूटे फूटे बर्तनों को हटा दें, ताकि बारिश का पानी जमा न हो सके।
अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दे, गड्ढों में मिट्टी भर दे। यदि यह सम्भव न हो तो जमा पानी में मिट्टी का या काला तेल डालने दें।
- पूरी बाज के कपड़े पहनें
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें ।
वर्जन
मलेरिया के मामले हर वर्ष कम हो रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बीते तीन वर्षों में जिले में 23 मरीज ही मलेरिया पीड़ित मिले हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए पानी जमा होने वाली जगह पर तेल डालने व फोगिंग करवाने का कार्य भी किया जा रहा है। -डॉ. हरसिमरण सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, सिरसा।