सिरसा, रोड़ी। घग्गर नदी अब खतरे के निशान के निकट पर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़कर अब 22 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। शुक्रवार को जलस्तर 30 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगा। इस कारण अभी ही प्रशासन, ग्रामीण व किसानों की सांसें फूलनी शुरू हो चुकी है। रोड़ी के साथ लगते मत्तड़ सहित 12 गांवों में अभी से ही खतरे की स्थिति बनी हुई है। यहां पर बांध से केवल तीन फुट पानी ही नीचे बह रहा है। अगर जलस्तर बढ़ता है किसानों व ग्रामीणों की समस्या ओर अधिक बढ़ जाएगी। वहीं प्रशासन और ग्रामीण अब मिलकर बांध पर मिट्टी डालने व उसे मजबूत करने में जुटे हुए है।
घग्गर नदी अब उफान पर आ गई है। नदी के बांधों को मजबूत करने के लिए किसान और प्रशासन दिन रात लगा हुआ है और स्थिति की जांच कर रहे है। जिले में अभी पंजाब के साथ लगते गांवों में खतरे की स्थिति है। इस क्षेत्र में सरकारी बांध न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। बीते तीन दिनों से किसान प्रशासन से बांध को मजबूत करने के लिए गुहार लगा रहे थे। जिसके बाद अब प्रशासन की ओर से किसानों की सहायता की जा रही है और बांध को मजबूत करने के लिए खर्च देने का भी ऐलान किया गया है। इस क्षेत्र के गांव मुसाहिबवाला, मत्तड़, लहंगेवाला, रंगा, नागोकी, अलीका, कर्मगढ़, पनिहारी, किराड़कोट सहित कुल 12 गांवों में सरकारी बांध न होने के कारण यह परेशानी आ रही है। यहां पर केवल घग्गर नदी का एक ही बांध है। अगर यह बांध अधिक पानी के कारण टूटता है तो इससे भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। जिले में अभी 22 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। जबकि सरदूलगढ़ में जलस्तर 25 हजार क्यूसेक तक है। वहीं ओटू में 12 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है।
नहरों में तीन हजार क्यूसेक तक राजस्थान की तरफ 10 हजार क्यूसेक छोड़ा जा रहा है पानी
घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अब ओटू हेड से राजस्थान की तरफ 10 हजार क्यूसेक जबकि तीन हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। पानी में बहकर आ रही जलकुंभी को निकालने के लिए विभाग की ओर से करीब 15 जेसीबी और 20 ट्रैक्टर ट्राली लगाकर कार्य किया जा रहा है। राजस्थान कैनाल क्षेत्र में जलकुंभी के कारण यहां पर स्थिति खराब बनी हुई है। यहां पर जलकुंभी रूकावट का कारण बन रही है। जिससे निकालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त मशीनें लगाई गई है।
घग्गर के साथ लगते गांवों के स्कूलों की 14 व 15 जुलाई की छुट्टी
नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन पार्थ गुप्ता ने 14 व 15 जुलाई को नदी के साथ लगते गांवों के स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। प्रशासन की ओर से गांव मत्तड़, लंहगेवाला, रंगा, नागोकी, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, मल्लेवाला, नेजाडेला खुर्द तथा बाएं तरफ के गांव मुसाईबवाला, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ़, फरवाई कलां, नेजाडेला कलां व झोपड़ा स्थित सभी सरकारी व निजी स्कूलों जिसमें प्ले स्कूल भी शामिल हैं, में 14 व 15 जुलाई को अवकाश करने का निर्णय लिया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित की जाए।
यह है घग्गर की स्थिति
स्थान, क्यूसेक
गुहलाचिका, 65 हजार
चांदपुरा, 15 हजार 500
सरदूलगढ़, 25 हजार
सिरसा, 22 हजार
ओटू, 12 हजार
राजस्थान कैनाल, 10 हजार
नहरों में, 3 हजार
घग्गर का जलस्तर बढ़ रहा है। अभी 22 हजार क्यूसेक पानी सिरसा में पहुंच रहा है। शुक्रवार को जलस्तर 30 हजार क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका है। टीमें लगातार बांधों का निरीक्षण कर रही है। अभी तक स्थिति सामान्य है। घग्गर नदी से जलकुंभी निकालने का कार्य भी लगातार चल रहा है।
-अजीत हुड्डा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग सिरसा।
बिजली मंत्री ने घग्गर नदी का किया निरीक्षण, दिए दिशा निर्देश
बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने बुधवार को गांव नेजाडेला खुर्द, बुढाभाणा, किराड़कोट व झोरड़नाली का निरीक्षण किया। वहीं उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। मुख्यमंत्री निरंतर मिनट टू मिनट रिपोर्ट ले रहे हैं। बिजली मंत्री ने संभावित बाढ़ के नियंत्रण व बचाव के लिए जेसीबी, लेबर आदि संसाधन जुटाने के लिए अपने निजी कोष से राशि देने की घोषणा भी की।