अपने दस्तावेज व फार्म दिखाती पात्र युवती मैना कुमारी।
डबवाली। बुधवार की सुबह बेरोजगार भत्ता पाने के पात्र युवक-युवतियां बेरोजगारी भत्ता फार्म पर हस्ताक्षर करवाने के लिए तहसील कार्यालय में भटकते रहे। जबकि तहसीलदार विजय मोहन स्याल ने उनके फार्मों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, जिससे उन्हें निराशा हुई।
बेरोजगारी भत्ता शुरू करवाने के लिए सरकार की योजना है और स्थानीय बेरोजगार कार्यालय ने उन्हें एक फार्म उपलब्ध करवाया। जिसे भरने के बाद गांव चौटाला निवासी मैना कुमारी, डबवाली निवासी साहिल कुमार, भूपिंद्र, कशिश व अन्य 5-6 युवक अपने-अपने फार्म पर हस्ताक्षर करवाने तहसील कार्यालय में पहुंचे। जहां तहसीलदार विजय मोहन स्याल ने उनके फार्मों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया। उक्त युवक-युवतियों ने बताया कि फार्म पर उन्होंने पार्षद व पटवारी की रिपोर्ट करवा ली। इसके बाद तहसीलदार या फिर नगर परिषद के ईओ द्वारा इस फार्म को तस्दीक करना था, लेकिन तहसीलदार के बाद जब ईओ नगर परिषद के पास पहुंचे तो उन्होंने भी फार्म को तस्दीक नहीं किया। उन्होंने बताया कि स्नातक करने के बाद उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन बेरोजगार कार्यालय में करवाया था, लेकिन तीन सालों तक नौकरी की कोई कॉल उन्हें नहीं आई। अब तीन सालों बाद वह बेरोजगार भत्ता पाने के पात्र हैं। अब उन्हें फार्म भरवाकर और तस्दीक करवाकर 30 नवंबर तक जमा करवाने के लिए कहा गया है, लेकिन कोई अधिकारी उनके फार्म को तस्दीक करने को ही तैयार नहीं। अंतिम तारीख नजदीक है और अब वह इधर से उधर भटक रहे हैं।
इस दौरान श्री गौशाला के पूर्व प्रधान गौभक्त प्रकाश चंद बांसल ने कहा कि आमजन के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं बनाई हैं, लेकिन उनका आमजन को कोई लाभ नहीं मिलता। प्रदेश में भाजपा की बिल्कुल निकम्मी सरकार है, जो कि बेरोजगार पात्र युवक-युवतियों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए नए-नए नियम लागू कर रही है और युवक-युवतियां भटकने को मजबूर हैं।
हमारे पास इनकी आय को मापने या तस्दीक करने का कोई पैमाना नहीं हैं। इस संबंध में मैंने उपायुक्त महोदय सिरसा को पत्र भेज दिया है। जब उनकी ओर से कोई जवाब आएगा तो सभी पात्र युवक-युवतियों का फार्म तस्दीक कर देंगे।
- विजय मोहन स्याल, तहसीलदार डबवाली