संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अफीम तस्करी के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में एक आरोपी की केस की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी।
मामले के अनुसार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ की टीम को 22 मई 2017 को सूचना मिली थी कि राजस्थान के जिला कोटा निवासी कृष्ण मुरारी व राम कुमार प्राइवेट बस में सवार होकर जयपुर से ऐलनाबाद आने वाले हैं। उक्त दोनों अफीम तस्करी का कारोबार करते हैं। सूचना के आधार पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ ने ऐलनाबाद में अपना जाल बिछा दिया। देर रात को बस ऐलनाबाद के नोहर रोड पर पहुंची। बस से यात्री नीचे उतरने लगे। टीम ने दो लोगों को शक के आधार पर हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उक्त दोनों से 4 किलो 450 ग्राम अफीम बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों की पहचान कृष्ण मुरारी व राम कुमार निवासी कोटा राजस्थान के रूप में हुई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने दोनों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल कैद की सजा सुना दी।
दोषियों ने न्यायालय से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई तो न्यायाधीश ने कहा कि तुम जैसे लोग बेगुनाहों की जिंदगी बर्बाद कर उनकी दर्दनाक मौत का कारण बनते हैं। तस्करी का नेटवर्क तोड़ा न गया तो यह समाज के लिए विनाशकारी होगा। देश को नशीले पदार्थों की तस्करी राष्ट्र लिए बड़ा झटका है। यह समाज को बर्बाद और राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को तबाह कर रहा है। आज ड्रग का खतरा युवाओं में अपनी जड़ें जमा रहा है। इससे कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। इन परिस्थितियों मेें दोषी नरमी नहीं केवल सख्त सजा के पात्र हैं।