चोपटा। खंड के राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और बड़े गांव में शुमार जमाल में पीने और सिंचाई के पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने नया आंदोलन शुरू कर दिया है। इसके तहत गांव के ओमप्रकाश और अशोक साहू दोनों गांव के जलघर में बनी 150 फुट ऊंची टंकी पर चढ़ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक कुतियाना माइनर, जमाल माइनर और हिसार घग्गर ड्रेन में पानी नहीं आता, जब तक वह नीचे नहीं उतरेंगे। किसानों के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलने पर जमाल चौकी इंचार्ज विनोद कुमार दल बल के साथ जल घर पहुंचे।
जमाल गांव राजस्थान की सीमा से सटा राज्य के अंतिम छोर पर है। इसके कारण मूलभूत सुविधाओं से सही वंचित रहता है। यहां पर कुतियाना माइनर और जमाल माइनर का भी अंतिम छोर पड़ता है और टेल पर कभी-कभार ही पानी पहुंच पाता है। 6 महीने से दोनों माइनर के अंतिम छोर पर पूरा पानी नहीं पहुंच पाया है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत भी करा चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बीते 60 वर्षों से उन्हें पानी की समस्या का समाना करना पड़ रहा है। गांव जमाल के ग्रामीणों ने रविवार को एक बैठक आयोजित कर कड़ा फैसला लेने का संदेश दिया। इसी को लेकर रविवार शाम सात बजे गांव के ग्रामीण ओम प्रकाश और अशोक साहू जलघर में बनी टंकी पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि जब तक माइनर में पूरा पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंचेगा तब तक टंकी से नहीं उतरेंगे। पानी की कमी के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही है और प्यासे मरने को मजबूर हो रहे हैं।