सिरसा। फर्जी फर्म मामलों में सरगनाओं को करोड़ों का रिफंड देने के आरोपी आबकारी एवं कराधान विभाग सिरसा के तत्कालीन डीईटीसी गोपीचंद चौधरी की दो जमानत याचिका वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन किनरा ने खारिज कर दी। जिन केसों में याचिका खारिज की है, उनमें से एक एफआईआर नंबर 553 वर्ष 2016 में और एफआईआर 651 वर्ष 2020 में शहर थाना सिरसा में दर्ज हुई थी। आरोपी गोपीचंद चौधरी ने तीन न्यायालयों में पांच केसों में जमानत याचिका दायर की थी। इनमें से दो खारिज हो चुकी हैं और शेष तीन पर 21 नवंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय फैसला सुनाएगा। आरोपी गोपीचंद चौधरी को पुलिस ने 29 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि वर्ष 2009 से 2012 तक रोहतक निवासी गोपीचंद चौधरी सिरसा में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त के रूप में नियुक्त रहे। 2014 में वे विभाग से जेईटीसी सेवानिवृत्त हुए। पुलिस की जांच में उनकी फर्जी फर्म मामले में संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने गोपीचंद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। चौधरी के खिलाफ 21 एफआईआर दर्ज हैं। जिन दो मामलों में जमानत याचिका खारिज हुई है। इनमें से एक में आरोपी गोपीचंद चौधरी ने विनय ट्रेडिंग कंपनी को 24 लाख 65 हजार 494 रुपये रिफंड किया, जबकि डीईटीसी की शक्तियां अधिकतम 5 लाख तक की होती हैं।