सिरसा। डबवाली हाईवे खुलवाने के लिए धरने पर बैठे व्यापारियों ने प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों की मांगों पर प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसेे में परेशान व्यापारियों ने मंगलवार यानी दो अप्रैल को डबवाली बंद करने की घोषणा की है। बंद को कामयाब बनाने के लिए व्यापारियों ने 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
बता दें कि जनवरी माह में पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पंजाब की सीमाओं पर नाके लगाकर उन्हें बंद किया गया था। इस दौरान डबवाली से मलोट और बठिंडा जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया था। नाके लगाकर पुल और अंडरपास बंद कर दिया गया। वहीं बठिंडा हाईवे को पूरी तरह से सील कर दिया गया। दो माह से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी इन्हीं खोला नहीं गया है। जबकि प्रदेश में सभी जगह पर नाकों को खोल दिया गया है। हाईवे वन वे कर चला दिए गए हैं लेकिन डबवाली में कोई नाका नहीं खोला गया है।
यह है मांग
सुखविंद्र सिंह, गुरविंद्र सिंह निंदा, बिटू वर्मा, संजय मेहता, विपिन आदि ने बताया कि व्यापारियों को मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा है। प्रशासनिक अधिकारियों से मांग है कि मलोट अंडरपास पूरी तरह से खोला जाए। बठिंडा हाईवे वन वे किया जाए, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और व्यापार प्रभावित न हो। प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसलिए मंगलवार यानी 2 अप्रैल को डबवाली बंद किया जाएगा। जिसमें व्यापारी, सामाजिक संस्थाएं और शहर के लोग शामिल होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हाईवे नहीं खोले गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह व्यापार हुआ है प्रभावित
1 कृषि मशीनरी व अन्य मशीनरी से जुड़ा व्यापार
2 अनाजमंडी में फसल खरीद व्यापार
3. कपड़ा व अन्य बाजार
4 मेडिकल सुविधाएं
नाकों पर यह है स्थिति
मलौठ रोड पर किसान नहीं बैठे है। किसान डबवाली से बठिंडा रोड पर बैठे हुए हैं। किसानों की संख्या 10 के करीब है। उसके बाद भी प्रशासन ने दोनों रोड नाके लगाकर बंद किए हुए हैं।