पांच प्यारों को संत बाबा गुरमीत सिंह सिरोपे भेंट करते हुए।
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श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव को समर्पित अंतरराष्ट्रीय नगरकीर्तन ननकाना साहिब पाकिस्तान से शुरू होकर भारत के विभिन्न राज्यों से होता हुआ देर रात्रि को सिरसा पहुंचा। बता दें कि भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के 72 वर्षों पश्चात पहली बार यह नगर कीर्तन भारत में पहुंचा है। फूलों से सजी पालकी में सुशोभित श्री गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। नगर कीर्तन की अगुवाई पांच प्यारे कर रहे थे। सुबह नगर कीर्तन गुरुद्वारा चिल्ला साहिब से शुरू होकर विभिन्न बाजारों से होता हुआ डबवाली के लिए रवाना हुआ। इस दौरान एसजीपीसी एक्जीक्यूटिव सदस्य संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने श्री गुरुग्रंथ साहिब महाराज के पवित्र सरूप की सेवा पालकी साहिब तक सुशोभित की। गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के संचालक बाबा अजीत सिंह कार सेवा वाले ने नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। नगर कीर्तन को लेकर शहर पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बाजारों में जगह-जगह नगर कीर्तन के लिए स्वागती द्वार बनाए गए थे। नगर कीर्तन जहां से भी गुजरा शहरवासियों ने फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया। नगर कीर्तन दौरान रागी जत्थों ने गुरुओं की वाणी का गुणगान करके संगतों को निहाल किया। इस दौरान बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी, जगसीर सिंह मैंबर एसजीपीसी, प्रकाश सिंह साहुवाला, मलकीत सिंह देसूमलकाना, रेशम सिंह, उत्तम सिंह उपस्थित थे।