सिरसा। गांव केलनियां वाली महिला रजनी बाला ने घर की आर्थिक स्थिति को दुरूस्त करने और पति हाथ बंटाने के लिए सफाई के उत्पाद बनाने का काम शुरू किया। इच्छा और लग्न से उसे इस काम में सफलता मिली। आज जिले के हर गांव में रजनी बाला के महक नाम से बनाए उत्पाद बिकते है। आज कई महिलाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें रोजगार के नए अवसर देने का काम रजनी कर रही है।
बता दें कि गांव केलनियां की रजनी बाला घर पर ही सफाई के कामों में प्रयोग होने वाला सामान बनाती है। जिसमें सरफ, फिनाइल, डिश वॉश, हैंड वाॅश, टॉयलेट क्लीनर आदि शामिल है। गांवों की दुकानों से महिलाएं ही इन उत्पादों के ऑर्डर लेती हैं। इसके बाद इनका निर्माण कर सप्लाई करती हैं। इतना ही नहीं, इनके साथ साथ रजनी ने सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर का काम भी महिला से शुरू करवाया है। इतना ही नहीं रजनी बाला के पति सुरेंद्र कंबोज भी महिला का सहयोग करते है। सुरेंद्र कंबोज का काम स्टील वुड बनाने का है। रजनीबाला के अनुसार उसके बनाए सामान का मूल्य बाजार के सामान के मूल्य से 20 फीसदी कम है। जिसके कारण उनकी बिक्री अच्छी हो जाती है।
विभाग से लिया था सिर्फ 10 हजार रुपये का ऋण
तीन साल पहले महिला रजनीबाला स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़ी थी। इस दौरान हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों से मिलने के बाद रजनी ने 10 हजार रुपये ऋण लिया। उसके मन में डर था कि काम शुरू करने के बाद अगर नहीं चला तो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पैसा चुकाना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन रजनीबाला की मेहनत और लग्न से उसका काम चल पड़ा और जल्द ही उसने लोन उतार दिया। रजनीबाला ने तीन साल में खुद को स्थापित करने के बाद दूसरी महिलाओं को प्रेरित करने का काम शुरू किया। रजनीबाला के पास आसपास के गांवों की 15 से 20 महिलाएं काम करती हैं और सीखती भी हैं। कुछ महिलाओं ने तो स्वयं का काम करने की भी इच्छा जाहिर की है।
गांव केलनियां की रजनीबाला को तीन साल पहले 10 हजार रुपये का ऋण दिया गया था। महिला गांव में अच्छा काम कर रही है। वहीं इस दौरान अन्य महिलाओं को भी साथ में जोड़ रही हैं।
- दयानंद जांगड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन सिरसा।