संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रेलवे कॉलोनी में बना प्राचीन अंटा घर देखरेख के अभाव में बदहाल हो रहा है। भवन की खिड़की व दरवाजे सहित बिजली के उपकरण तक चोरी हो चुके हैं और यह नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। हालांकि कुछ वर्ष पहले ही लाखों रुपये की लागत से अंटाघर का सुंदरीकरण कर इस सामुदायिक भवन का नाम दिया गया था इसका इस्तेमाल शादी के कार्यक्रमों के लिए किया जाना था।
वर्ष 1884 में अंग्रेजों के मनोरंजन के लिए अंटाघर का निर्माण किया गया था। इसमें लॉन टेनिस की सुविधा उपलब्ध थी। लकड़ी के फट्टों में भी तांबे और पीतल की कीलों का इस्तेमाल किया गया था, जो देखते ही आकर्षक लगता था। विभागीय अधिकारियों की बेरुखी और उदासीनता के चलते यह पूरी तरह से बदहाल हो चुका है। हाल ही के वर्षों में इसका फिर से सुंदरीकरण कर सामुदायिक भवन का नाम दिया गया। लेकिन देखरेख के अभाव में यह भवन फिर से बदहाल अवस्था में चला गया। रेलवे विभाग के अधिकारी रेलवे की संपत्ति के प्रति गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां एसएससी वर्क प्रभारी को आए एक वर्ष का समय बीत गया। यह रेलवे की महत्वपूर्ण संपत्तियों में से एक है।
पार्क व खेल ग्राउंड भी हुआ बदहाल:
सामुदायिक भवन बनाने के दौरान ही यहां वालीबाल का ग्राउंड और पार्क का निर्माण किया गया। लोगों के बैठने के लिए सीमेंट के बैंच तथा पार्क में पौधों की सिंचाई के लिए पानी कि व्यवस्था की गई, लेकिन तमाम सुविधाएं बदहाल हो चुकी हैं। अब इस बदहाल सामुदायिक भवन में या तो बेसहारा पशु घूमते या फिर रात्रि के समय नशेड़ी किस्म के लोग बैठे रहते हैं।
वर्जन:
सामुदायिक भवन की देखरेख के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसके कारण भवन की स्थिति खराब हो रही है। आशुतोष, एसएससी वर्क इंचार्ज, रेलवे विभाग सिरसा।
अंटाघर, वर्तमान में सामुदायिक भवन की बदहाली का बाहरी दृश्य। संवाद- फोटो : Sirsa