सिरसा। खेल मंत्रालय के कुश्ती महासंघ की नई कार्यकारी को भंग करने पर राज्य सभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी सारी जानकारी मुझे नहीं मिली है, शुरुआती जानकारी ही प्राप्त हुई है। रैली के दौरान ही जानकारी मिली। इस निर्णय से कहीं न कहीं ऐसा दिखाई देता है कि देश की जनभावना के सामने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा है। सरकार ने बेटियों यानी खिलाड़ियों के साथ वादाखिलाफी कर छलने का काम किया था। खिलाड़ियों को छलने की मंशा पहले से सरकार की थी। पूरे देश के खेल जगत और तमाम देशवासियों की भावना उमड़ कर आ गई है और सरकार को घुटने टेकने पड़े। ये ऐसा दिखाई देता है कि सरकार समझ गई होगी कि देश की बेटियों के साथ अन्याय करने का रास्ता सरकार अपनाएगी तो देशवासी सरकार को इस तरह का कार्य नहीं करने देंगे।