सिरसा। गांव झोरड़नाली चिट्टा और मेडिकल नशे से दूर है। शराब और जुए ने गांव का माहौल खराब किया हुआ है। शराब का ठेका बंद होने का कोई समय नहीं है। इतना ही नहीं, पुराने नंबरों के बाइक लेकर शरारती तत्व गांव में दिन रात घूमते रहे हैं। यदि कोई कुछ कहता है तो उसके साथ हाथापाई पर उतर आते हैं। हालात यह है कि गांव में पुलिस भी गश्त करने के लिए नहीं आती है। अब हम जाए तो कहां जाए।
यह बात नशा मुक्त गांव झोरड़नाली के ग्रामीणों ने संवाददाता से बातचीत के दौरान कहीं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव का माहौल बेहद खराब बना हुआ है। रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। गांव केलनियांवाली मंदिर से लेकर गांव आने के रास्ते में कई वारदात हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मी के पति तक पर बाइक सवार इस रास्ते पर हमला कर चुके हैं। ऐसे में आम आदमी कहां सुरक्षित रहेगा। संवाद
ग्रामीण के अनुसार ऐसी रहती है गांव की स्थिति
1 गांव में दिन में लोग सड़कों पर जुआ खेलते हैं।
2 शराब ठेके के बंद होने का कोई समय नहीं हैं।
3 शराब पीकर लोग हुड़दंग करते हैं।
4 शरारती तत्व दिन व रात में हुड़दंग मचाते है। मोटरसाइकिल के साइलेंसर हटाकर परेशान करते हैं।
5 कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर ही शराब के सेवन करने लग जाते हैं।
मेरी दुकान में दो से तीन बार चोरी हो चुकी हैं। एसएचओ तक को अवगत करवाया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शरारती तत्व रात के समय दुकानों को निशाना बनाते हैं। पुलिस को सब पता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करता है। मुख्यमंत्री से अपील है कि हमारे गांव को क्राइम मुक्त बनाया जाएगा।
-रणजीत सिंह, ग्रामीण झोरड़नाली
गांव में आने जाने वालों को रात के समय लूटना आम बात हो गई है। शरारती तत्व पूरे गांव को परेशान किए हुए हैं। पुलिस को कई बार सूचित किया गया है। पुलिस न कोई गश्त करती है और न ही कोई ठोस कार्रवाई करती है। इससे गांव का माहौल काफी खराब हो रखा है। गांव में पुलिस की विशेष गश्त की जरूरत है।
-दयाराम पूर्व सरपंजच, ग्रामीण झोरड़नी
गांव में शरारती तत्वों के कारण माहौल बहुत खराब है। पूर्व में पुलिस को चोरी के आरोपी पकड़कर दिए थे। पर उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दूसरे गांव के सरपंच के कहने पर छोड़ दिया। ऐसे में पुलिस से क्या उम्मीद कर सकते हैं। पुलिस ने पूरे गांव में जागरूकता का एक अभियान तक नहीं चलाया है और गांव को नशा मुक्त घोषित कर दिया। पुलिस विभाग से निवेदन है कि गांव को क्राइम मुक्त भी तो करे।
-महाबीर सिंह, ग्रामीण झोरड़नाली
पुलिस ने कुछ नहीं करना है, इसी कारण ग्रामीणों ने धरना लगाया है। पुलिस आकर खानापूर्ति कर जाएगी। पुलिस को सब पता होता है कि गांवों में चोरी करने वाले कौन है। गांव से केबल, मोटर, बैटरी आदि चोरी होती रही है। चोरी का सामान बिकता तो आसपास के एरिया में ही है। आज तक पुलिस ने एक भी चोरी का आरोपी नहीं पकड़ा है। पुलिसकर्मी बस, गांव में खानापूर्ति करने आ जाते हैं।
धर्मेंद्र सिंह, ग्रामीण झोरड़नाली