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Sirsa News: लड़ाई कुर्सी की.. नामांकन केंद्र के अंदर शिष्टाचार बाहर जुबानी तीरों के वार

Fri, 13 Sep 2024 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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कांग्रेस प्रत्याशी गोकुल सेतिया के पिता राहुल सेतिया के पैर छूते हुए विधायक गोपाल कांडा। संवाद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। विधानसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन दिग्गजों ने नामांकन दाखिल किए। इसमें रानियां सीट से निर्दलीय रणजीत सिंह चौटाला, इनेलो से अर्जुन चौटाला, ऐलनाबाद से इनेलो के अभय चौटाला, सिरसा से हलोपा के गोपाल कांडा, कांग्रेस के गोकुल सेतिया शामिल हैं। इस चुनाव में दादा-पोते, चाचा-भतीजा और पड़ोसी आमने-सामने हुए तो धुर विरोधी रहे दलों के नेता एकता का राग अलापते भी दिखे। यही नहीं, सार्वजनिक मंच से एक-दूसरे को बुरा भला कहने वाले सामने पड़ते ही एक-दूसरे का अभिवादन करते नजर आए। नामांकन केंद्र में धुर विरोधी भी शिष्टाचारी नजर आए।



केंद्र के अंदर किसी ने दादा के पैर छूए तो पड़ोसी भी अपने विरोधी के पैर छूने में पीछे नहीं रहे। नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही अब सभी बड़े-बड़े लुभावने वादों के साथ जनता के बीच जाएंगे, जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होगा। प्रचार के साथ-साथ एक दूसरे पर कटाक्ष करते हुए दिखाई देंगे।
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हालांकि दिग्विजय चौटाला ने नामांकन केंद्र से बाहर आते ही अपने चाचा पर हलोपा का समर्थन करने पर थूक कर चाटने जैसी बात कर डाली। चौधरी रणजीत सिंह ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसका और इनेलो का गठबंधन चल रहा है। रानियां और डबवाली में कमजोर कद्दावर नेता उतारना उनकी सोची समझी चाल।



इस प्रकार चला नामांकन का दौर



डबवाली से कांग्रेस विधायक अमित सिहाग का पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा लोकसभा क्षेत्र लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग विशेष रूप से नामांकन भरवाने के लिए पहुंचे। रानियां से पूर्व बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा। इस दौरान उनके साथ जेजेपी से डबवाली के प्रत्याशी दिग्विजय चौटाला भी मौजूद रहे। जब चौधरी रणजीत सिंह अपना नामांकन भर रहे थे। उसी दौरान इनेलो के रानियां प्रत्याशी अर्जुन चौटाला भी पहुंच गए। अर्जुन का नामांकन भरवाने के लिए उनकी पत्नी के साथ उनके दादा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का हाथ जोड़कर स्वागत किया। परिवार के सभी लोगों चौधरी रणजीत सिंह, दिग्विजय चौटाला का उनसे सामना हुआ और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री का हालचाल जाना। चौधरी रणजीत सिंह ने भी अपने बड़े भाई ओमप्रकाश चौटाला के पैर छूए। आखिरी दिन सिरसा से विधायक गोपाल कांडा व ऐलनाबाद से अभय सिंह चौटाला ने नामांकन भरा। रानियां में कांग्रेस से सर्वमित्र कंबोज ने नामांकन दाखिल किया।

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न कांग्रेस के न भाजपा के बड़े नेता नजर आए

नामांकन के आखिरी दिन भाजपा और कांग्रेस के कद्दावर नेता दूरी बनाते हुए नजर आए। भाजपा प्रत्याशी रोहताश जांगडा का नामांकन स्थानीय नेताओं ने भरवाया। रानियां के प्रत्याशी सर्वमित्र कंबोज के साथ कोई बड़ा नेता या विधायक तक दिखाई नहीं दिया। हालांकि गोकुल सेतिया का नामांकन भरवाने के लिए पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा लोकसभा क्षेत्र लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग नजर आए। इसके अलावा प्रदेश से कोई बड़ा नेता मौजूद नहीं रहा।





सैलजा गुट का रुखा रहा रवैया



कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार की घोषणा रविवार देर रात हुई थी। इससे पूर्व ही सैलजा गुट के नेताओं को आभास हो चुका था कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगी। ऐसे में सिरसा से वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने नाराजगी जाहिर कर कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। मंच से कहा कि वह सांसद कुमारी सैलजा के साथ है और उनके साथ हमेशा रहेंगे और न ही पार्टी छोड़ेंगे। सिरसा सीट के अलावा वह पार्टी के लिए कहीं भी प्रचार करेंगे। वहीं, रानियां के पूर्व मंत्री के पुत्र संदीप नेहरा व ऐलनाबाद से संतोष बैनीवाल और पवन बैनीवाल पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे।

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हुड्डा गुट का यह रहा रवैया



कांग्रेस से गोकुल सेतिया को भले ही टिकट दिलाने में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चली है। परंतु सिरसा सीट से पूर्व कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा के पुत्र राजकुमार शर्मा, अमीर चंद चावला पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे। कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने 15 सितंबर को अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है, जिसमें वह आगामी फैसला लेंगे।

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कालांवाली में यह रही स्थिति



कालांवाली में विधायक शीशपाल केहरवाला कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी है। उनके सामने भाजपा ने राजेंद्र देसूजोधा को उतारा है। दोनों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। कालांवाली पंजाब के साथ लगता एरिया है तो ऐसे में पंजाब का असर भी इस एरिया में देखने को मिलेगा।





रानियां सीट पर स्थिति

रानियां की सीट से इनेलो के युवा नेता अर्जुन चौटाला मैदान में है। अर्जुन को टक्कर देने के लिए उनके दादा चौधरी रणजीत सिंह निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। इन्हें जजपा को समर्थन है। आप ने हरमिंदर सिंह हैप्पी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने सर्वमित्र कंबोज कोटिकट दी है। इससे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में नाराजगी है। रानियां में हलोपा का वोट बैंक भी अब अर्जुन चौटाला को मिलेगा। मौजूदा समय में अर्जुन चौटाला की स्थिति बेहतर है। उनका मुकाबला अपने दादा के साथ है।





ऐलनाबाद सीट पर स्थिति



बैनीवाल परिवार और चौटाला परिवार के बीच एक बार फिर मुकाबला देखने को मिला। लंबे समय से इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला होता रहा है। उपचुनाव में ही गोबिंद कांडा ने इस समीकरण को तोड़ा था। इस चुनाव में हलोपा का समर्थन मिलने के बाद चौधरी अभय सिंह चौटाला को मजबूती मिली है।



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डबवाली सीट की स्थिति

डबवाली में चौटाला परिवार आमने-सामने है। इनेलो ने आदित्य देवीलाल चौटाला को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस से विधायक अमित सिहाग मैदान में हैं। जेजेपी से दिग्विजय चौटाला ने भी ताल ठोकी है। विधायक अमित सिहाग के पिता के साथ 35 साल तक कांग्रेस को मजबूत करने वाले नेता कुलदीप सिंह गदराना आम आदमी पार्टी से मैदान में हैं। यहां मुकाबला बेहद रोचक हो गया है।
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सिरसा सीट की स्थिति



नामांकन के आखिरी दिन हुए खेल ने सिरसा सीट का पूरा समीकरण ही बदल दिया है। इनेलो ने हलोपा को समर्थन कर दिया। यहां से बड़े नेता के तौर पर हरियाणा लोकहित पार्टी से विधायक गोपाल कांडा ने अपना नामांकन भरा। कांग्रेस से गोकुल सेतिया को टिकट मिलने के बाद सैलजा और हुड्डा गुट के नेताओं में नाराजगी साफ नजर आई। ऐसे में पिछले चुनाव की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला गोकुल सेतिया और गोपाल कांडा के बीच ही मुकाबला देखने को मिलेगा।
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