संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा (सिरसा)। गांव जमाल में चल रहा ग्रामीणों का धरना रविवार को समाप्त हो गया। एसडीएम राजेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की मांगे मान लीं। इसके बाद आठ दिन से पानी की टंकी पर चढ़े दोनों किसान नीचे उतर आए।
राजस्थान की सीमा से सटे ऐलनाबाद हलके के सबसे बड़े गांव जमाल में पेयजल व सिंचाई के पानी की कमी को चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन व सिंचाई विभाग से मांग करने के बाद भी समस्या हल नहीं हो रही थी। ग्रामीणों ने 8 दिन पहले बैठक कर बड़ा फैसला लिया। गांव के विकास और अशोक कुमार जलघर की 150 फुट ऊंची टंकी पर चढ़ गए व अन्य ग्रामीण जलघर प्रांगण में धरना देकर बैठ गए। आठवें दिन रविवार को एसडीएम राजेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों की मांगें मान लीं। इस दौरान टंकी से नीचे उतरे विकास और अशोक को सम्मानित किया।
ग्रामीणों ने कमेटी बना आंदोलन किया मजबूत
आंदोलन को मजबूत करने के लिए महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने के लिए ग्रामीणों ने 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। सदस्य कमेटी में जिला परिषद सदस्य नंदलाल बैनीवाल, सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश डूडी, रामजीलाल सिहाग, देवीलाल खिचड़, विजय बैनीवाल, रणजीत श्योराण, जगदीश बांदर, काशीराम, बलवीर सिंह, खानू और जगदीश चंद्र शामिल थे। उन्होंने बताया कि कुतियाना माइनर, जमाल माइनर के अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांव जमाल व कुतियाना में पानी की कमी से करीब 15000 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल खराब होने की कगार पर है।
विधायक अभय व समाजसेवी मीनू बैनीवाल ने उपलब्ध कराईं मशीनें : विधायक अभय सिंह चौटाला भी किसानों के समर्थन में छठे दिन धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग के अनुसार मंगाला खरीफ चैनल की सफाई के लिए मशीन उपलब्ध करवाई। प्रमुख समाज सेवी मीनू बैनीवाल ने भी ग्रामीणों की मांग के अनुसार मशीनें उपलब्ध करवाईं और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।