संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों, संस्थानों के यूजी प्रोग्राम्स में एनईपी के क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, आईएएस ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि कॉलेजों में एनईपी को लागू करने के लिए स्मार्ट तरीका विकसित करें। अपने यहां स्मार्ट क्लास रूम बनाएं। यदि फैकल्टी की कमी है तो कुछ समय के लिए प्री-रिकाॅर्डिड लेक्चर से पूरा कर सकते हैं।
सीडीएलयू में मंगलवार को प्रोसेस एंड चैलेंजिस इन इंप्लीमेंटिंग एनईपी-2020 विषय पर यह कार्यशाला आयोजित की गई। कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। आनंद मोहन शरण ने कहा कि एनईपी को पूरी तरह से लागू करने की सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब उच्च शिक्षा प्रणाली बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है, तो हमारी भी उसमें महत्वपूर्ण भागीदारी होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति हर संस्थान, यूनिवर्सिटी, शिक्षक, विद्यार्थी को सृजनात्कता, नवाचार को प्रदर्शित करने का सुअवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के संबंधित कॉलेजों व संस्थानों के यूजी, इंटिग्रेटेड प्रोग्राम्स में एनईपी-2020 के क्रियान्वयन शीघ्र किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच किया था, जिसका लक्ष्य 2030 तक एनईपी को पूरे देश में लागू करना है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2025 तक शिक्षा नीति को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमें एनईपी दस्तावेज को पढ़ने की जरूरत है।
कुलाधिपति के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 को किया लागू
सीडीएलयू के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विजन के अनुसार और कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज में शैक्षणिक सत्र 2021-2022 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को क्रियान्वित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में देश को शिक्षा के क्षेत्र में महाशक्ति बनने, शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने, शिक्षा के साथ कौशल विकास करने की भावना निहित है। कार्यशाला के प्रतिभागियों ने मुख्य अतिथि से एनईपी से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल पूछे। कार्यशाला को सफल बनाने में शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश कुमार गहलावत, प्रो. आरती गौड़, प्रो. सुरिंदर सिंह, प्रो. कपिल चौधरी सहित टेक्निकल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।