संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। धान की कटाई होने के बाद जिले में अब पराली जलाने के मामले आना शुरू हो चुके हैं। रविवार को जिले के गांव फग्गू में पराली जलाने का पहला मामले आया। हरसेक की की लॉकेशन के आधार पर एसडीएम कालांवाली ने मौके पर पहुंचकर स्थिति जांची तो मामला सही पाया गया। एसडीएम ने किसान पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिले में धान की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है। धान की पराली को किसान आग के हवाले न करें इसकी हरसेक के माध्यम से निगरानी की जा रही है। जिले में 266 गांवों में धान की रोपाई की जाती है। कृषि विभाग ने इस बार 11 गांवों को रेड जोन में शामिल किया है, जबकि 56 गांवों को येलो जोन में हैं। रविवार दोपहर बाद फग्गू गांव के क्षेत्र में पराली जलने की लोकेशन आने पर एसडीएम कालांवाली सुरेश रविश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच कर तुरंत किसान का चालान कर दिया। बता दें कि रोड़ी क्षेत्र के अधिक गांवों को रेड जोन में शामिल हैं।
गांव सचिव और सरपंचों की बनाई गई है कमेटी, लगातार होगी निगरानी
जिला प्रशासन ने धान की पराली जलाने वाले किसानों पर सख्ती करने के लिए ग्राम सचिव, पटवारी, सरपंच, नंबरदार और कृषि विभाग के अधिकारियों की कमेटी का गठन किया है और टीमें बनाई है। ये लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी रखेंगी। जिस भी स्थान पर पराली जलने का मामला सामने आएगा, तो टीमों की ओर से किसानों के चालान किए जाएंगे।
रेड जोन में शामिल गांव
खंड गांव कालांवाली: दादू, हस्सू, रोड़ी, सुरतिया
ऐलनाबाद: कुत्ताबढ़
नाथूसरी चोपटा: जोधकां
सिरसा: मंगाला
रानियां: रानियां, जीवननगर, करीवाला व फिरोजाबाद
जिले के गांव फग्गू में धान की पराली जलने की पहली लॉकेशन आई है। यहां पर टीम अधिकारी पहुंचे हैं। मामला सही मिलने पर किसान पर जुर्माना लगाया गया है। जिले के 11 गांवों को रेड जोन में शामिल किया गया है। पराली के मामलों को लेकर टीमें लगातार गांवों का निरीक्षण कर रही हैं। - डॉ. जोगेंद्र राणा, तकनीकी सहायक, कृषि विभाग, सिरसा।