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Sirsa News: सिरसा में शुरू हुई प्रदेश की पहली ग्राम रसोई, तीन महिलाएं कर रहीं संचालन

Thu, 06 Jul 2023 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन ने सिरसा में प्रदेश की पहली ग्राम रसोई शुरू की है। इसका संचालन तीन महिलाएं कर रही हैं। इसमें महिलाएं विभिन्न प्रकार की खाद्य पदार्थ स्वयं बनाकर बेच रही हैं। इस रसोई में अन्य महिलाओं द्वारा बनाया गया सामान भी बेचा जा रहा है।
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ग्राम रसोई की शुरुआत बरनाला रोड स्थित बाल भवन की दुकान में 28 जून को की गई। इसका संचालन अमन, सरोज कौर व गीता रानी मिलकर कर रही हैं। अभी रसोई का विभागीय रूप से उद्घाटन बाकी है। ग्राम रसोई में चाय, हॉट काॅफी, कोल्ड कॉफी, ब्रेड पकोड़ा, समोसा व अन्य सामान महिलाओं द्वारा घरेलू तरीकों से बनाया जाता है। इन सभी चीजों का मूल्य बाजार भाव से कम है। ग्राम रसोई को नाबार्ड व ग्रामीण आजीविका मिशन दोनों ने मिलकर शुरू किया है। महिलाओं का कहना है कि पिछले आठ दिनों में उन्हें लोगों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। हर रोज 15 से 20 लोग पहुंच रहे हैं। संवाद



दो साल तक महिलाओं को दिया जाएगा सहयोग
नाबार्ड व ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा दो साल तक महिलाओं को रसोई चलाने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। रसोई चलाने के लिए नाबार्ड ने पांच लाख रुपये दिए हैं। इसमें दो साल तक का दुकान का किराया, बिजली बिल, फर्नीचर, रसोई का सामान, कुर्सी, मेज व एक महिला की दो साल की सैलरी है। डेढ़ लाख रुपये का ऋण महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दिया गया है, जिसे वे किसी भी समय तक चुका सकती हैं। विभाग की तरफ से एक महिला की सात हजार रुपये प्रति माह वेतन भी दिया जाएगा। हर महीने लगने वाले राशन का सामान इसी दुकान से महिलाओं को निकालना होगा।
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अन्य महिलाओं के लिए अपना सामान बेचने का प्लेटफार्म बना
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांवों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनाए हुए हैं। इन समूहों की महिलाएं घर पर रहकर ही विभाग से ऋण लेकर अपना काम करती हैं। बहुत सी महिलाएं आचार, पापड़, गुलकंद, सरसों का तेल, बड़ियां व अन्य सामान घर पर ही तैयार करती हैं। मगर उस सामान को बेचने का माध्यम महिलाओं के पास नहीं है। इस ग्राम रसोई के माध्यम से जिले की सभी गांवों की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने हाथों से बनाया हुआ सामान इस रसोई में बेच सकती हैं।



सामान - ग्राम रसोई का मूल्य, बाजार का मूल्य
- चाय, 10 रुपये, 10 रुपये
- हॉट कॉफी, 20 रुपये, 20
- कोल्ड कॉफी, 40 रुपये, 60 रुपये
- समौसा, 10 रुपये, 15 रुपये
- ब्रेड पकोड़ा, 10 रुपये, 10 रुपये
- बर्गर 30 रुपये, 35 रुपये
- छोले भटूरे, 40 रुपये, 50 रुपये
- वेच सैंडविच, 30 रुपये, 40 रुपये
- मैंगो शेक, 40 रुपये, 60 रुपये
- बनाना शेक, 30 रुपये, 60 रुपये
- पापाया शेक, 40 रुपये, 80 रुपये
- फ्रूट कर्स्ट, 40 रुपये, 80 रुपये
- वैनीला शेक, 50 रुपये, 60 रुपये
- बटर स्कोच, 50 रुपये, 60 रुपये
- मिक्स फ्रूट चाट, 50 रुपये, 80 रुपये
- फ्रूट कर्स्ट फालूदा, 60 रुपये, 100 रुपये



मैं पिछले तीन साल से स्वयं सहायता समूह की महिला ग्रुप के साथ जुड़ी हुई हूं। मैंने विभाग की बैठकों व कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जिसे देखकर स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनने का मन में आया। अब इस योजना के साथ जुड़ने का मौका मिला है।
- सरोज कौर, मुसाहीवाला।



मैं जब भी घर पर कोई खाने के लिए बनाती थी, तो सब तारीफ करते थे। मैं कभी आचार का बिजनेस करने का सोचती तो कभी फ्रूट कर्स्ट पैक करके बेचने का। जब विभाग ने इस रसोई के बारे में बताया तो बहुत खुशी हुई। विभाग अधिकारियों को बोला था कि जब मौका मिले मुझे इसमें जरूर शामिल करें।
- गीता रानी, खाजाखेड़ा।



स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़ने के बाद आत्मनिर्भर बनने का मन में आया। इसके बाद समय - समय पर ग्रुप के साथ जुड़ने के बाद मन को और अधिक बल मिला। अब आत्मनिर्भर बनकर एक तरह का रेस्टोरेंट चलाकर बहुत अच्छा लग रहा है।
- अमन रानी, शाहपुर बेगू।




ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बरनाला रोड स्थित बाल भवन के पास स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ग्राम रसोई तैयार करवा कर दी गई है। इसमें नाबार्ड का भी बहुत सहयोग है। सिरसा में हरियाणा की पहली ग्राम रसोई स्थापित की गई है। वहीं इससे पहले हरियाणा की पहली ग्राम दुकान भी सिरसा में ही चल रही है। इस ग्राम रसोई को तीन महिलाएं मिलकर चला रही हैं।
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- किरण रानी, ब्लॉक कलस्टर कोऑर्डिनेटर, हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन, सिरसा।
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