दिल्ली में जाकर कांग्रेस ज्वाइन करते पूर्व विधायक बलकौर सिंह।
कालांवाली। भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण के बाद बगावत के सुर शुरू हो गए हैं। कालांवाली में राजेंद्र देसूजोधा को टिकट देने के बाद से ही पूर्व विधायक बलकौर सिंह नाराज चल रहे थे। ऐसे में उन्होंने शनिवार को अपना इस्तीफा देकर भाजपा छोड़ दी। उन्होंने दिल्ली जाकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के नेतृत्व कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर दी। इस दौरान कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला भी मौजूद रहे। वहीं, कालांवाली से ही इनेलो नेता मग्घर सिंह ने भी कांग्रेस में आस्था जताते हुए कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश चोपड़ा ने उनके इस कदम को गलत करार देते हुए कहा कि उन्हें सोचना चाहिए था।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस में शामिल होने से पहले बलकौर सिंह के निवास स्थान पर उनके समर्थक एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि जहां बलकौर वहां हम के नारों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान हलके से जिला पार्षद, ब्लाॅक समिति चेयरमैन व मेंबर, पंच-सरपंच, पूर्व पंच-सरपंच, नगर पार्षद आदि उनके साथ दिल्ली पहुंचे। कालांवाली से राजेंद्र देसूजोधा को टिकट दिए जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति पर भारतीय जनता पार्टी नशा बेचने का आरोप लगाती है और आज उसी को विधानसभा की टिकट देती है। नशे के वह सख्त खिलाफ हैं। यह वह बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
2004 में अकाली दल ने दिया टिकट
सरदार बलकौर सिंह वर्ष 1996 में एसजीपीसी सदस्य बने थे। वर्ष 1996 से लेकर 2004 तक एसजीपीसी सदस्य रहे। वर्ष 2004 में एसजीपीसी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2004 में अकाली दल ने हलका कालांवाली से टिकट देकर विधानसभा चुनाव लड़वाया और अकाली-इनेलो गठबंधन में जीत हासिल कर विधायक बने। अकाली दल के बाद उन्हाेंने जेजेपी पार्टी में शामिल हो गए। अगले ही दिन जेजेपी छोड़कर वापस अकाली दल में आ गए। फिर भाजपा ज्वाइन की और वर्ष 2019 में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा। चुनाव में 30 हजार 134 वोट लेकर तीसरे नंबर पर रहे। अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं।